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मुंबई: त्योहारों के सीजन से पहले मुंबई के लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। शहर में जानवरों के बाड़ों से सीधे सप्लाई होने वाले ताजा भैंस के दूध की कीमत में मंगलवार से 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। अब उपभोक्ताओं को भैंस का दूध 102 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलेगा।
मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स वेलफेयर एसोसिएशन (MMPA) ने दूध के नए दाम लागू करने की जानकारी दी है। एसोसिएशन के अनुसार, बढ़ी हुई कीमतें 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेंगी।
त्योहारों से पहले बढ़ा घरेलू खर्च
दूध रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल प्रमुख खाद्य पदार्थों में से एक है। ऐसे में कीमत बढ़ने से आम परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ सकता है।
त्योहारों के मौसम में दूध की मांग बढ़ जाती है, क्योंकि मिठाई, दही, घी और अन्य डेयरी उत्पादों की खपत भी बढ़ती है। ऐसे समय में दूध के दाम बढ़ने से घरेलू खर्च बढ़ने की संभावना है।
लागत बढ़ने को बताया कारण
MMPA ने दूध की कीमत बढ़ाने के पीछे उत्पादन लागत में हुई बढ़ोतरी को कारण बताया है।
एसोसिएशन के मुताबिक, दुधारू पशुओं की खरीद लागत में पिछले कुछ समय में 60 से 70 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
इसके अलावा पशुओं के चारे की कीमतों में भी करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
एसोसिएशन का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण दूध उत्पादकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था, जिसे देखते हुए कीमतों में संशोधन करना पड़ा।
पशुपालकों की बढ़ी मुश्किलें
दूध उत्पादकों का कहना है कि पशुओं की देखभाल, चारा, दवाइयों और रखरखाव पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है।
भैंस पालन में लागत अधिक होने के कारण मौजूदा कीमतों पर दूध की बिक्री से किसानों और पशुपालकों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा था।
नई कीमतों से उन्हें कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
मुंबई में ताजा दूध की मांग अधिक
मुंबई में बड़ी संख्या में लोग बाड़ों से मिलने वाले ताजे भैंस के दूध को प्राथमिकता देते हैं।
शहर के कई इलाकों में स्थानीय दूध विक्रेताओं और डेयरी संचालकों के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं तक दूध पहुंचाया जाता है।
ऐसे दूध की मांग खासकर उन परिवारों में अधिक है, जो ताजे और पारंपरिक तरीके से उपलब्ध दूध को पसंद करते हैं।
डेयरी उत्पादों पर भी पड़ सकता है असर
दूध की कीमत बढ़ने का असर अन्य डेयरी उत्पादों पर भी पड़ सकता है।
दूध से बनने वाले दही, पनीर, मिठाई, घी और अन्य उत्पादों की लागत बढ़ने की संभावना है।
त्योहारों के दौरान मिठाई की मांग बढ़ने के कारण इसका असर बाजार पर दिखाई दे सकता है।
महंगाई से जूझ रहे उपभोक्ता
मुंबई में पहले से ही कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
ऐसे में दूध के दाम बढ़ने से आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ सकती है।
लोगों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीजों की कीमतों में लगातार वृद्धि होने से घरेलू बजट संभालना मुश्किल हो रहा है।
एसोसिएशन ने दी सफाई
MMPA ने कहा कि दूध की कीमत बढ़ाने का फैसला मजबूरी में लिया गया है।
एसोसिएशन का कहना है कि पशुपालकों और दूध उत्पादकों को उचित मूल्य देना जरूरी है, ताकि दूध की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था बनी रहे।
नए रेट पर मिलेगी सप्लाई
मंगलवार से मुंबई में बाड़ों से सप्लाई होने वाला भैंस का ताजा दूध नए रेट पर उपलब्ध होगा।
अब उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में 9 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे।
दूध की कीमत में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब त्योहारों के कारण बाजार में खर्च बढ़ने वाला है। इससे उपभोक्ताओं और दूध उत्पादकों दोनों पर इसका असर देखने को मिलेगा।





