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विले पार्ले की 11 मंजिला इमारत में भीषण आग, महिला और ढाई साल के बच्चे की मौत

मुंबई। मुंबई के विले पार्ले वेस्ट इलाके में मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां 11 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में 23 वर्षीय महिला और ढाई साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और इमारत में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
जानकारी के अनुसार, आग रात करीब 10 बजे विले पार्ले वेस्ट में सेंट जेवियर्स स्कूल के पास बैप्टिस्टा रोड स्थित शांता भुवन को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में लगी। यह इमारत ग्राउंड प्लस 11 मंजिला है। आग इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 1102 में लगी थी। देखते ही देखते आग ने फ्लैट के अंदर मौजूद सामान को अपनी चपेट में ले लिया और धुआं पूरे इलाके में फैल गया।
Watch: A fire broke out at Shanta Bhavan Building in Mumbai's Vile Parle area. After receiving information about the incident, 10 fire brigade vehicles reached the spot and began efforts to bring the fire under control. No injuries have been reported so far. Firefighters are… https://t.co/PaDkqJiRcZ pic.twitter.com/qvUdBe9Mkn
— IANS (@ians_india) August 11, 2026
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया। ऊंची इमारत होने के कारण राहत कार्य में काफी सावधानी बरतनी पड़ी। टीम ने फ्लैट में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन हादसे में दो लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
मृतकों में 23 वर्षीय महिला और ढाई साल का बच्चा शामिल है। दोनों की मौत आग और धुएं के कारण दम घुटने से होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे में छह अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घायलों की हालत के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
फायर अधिकारियों की शुरुआती जांच में आग लगने की संभावित वजह सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, कपड़ों पर कई मिनट तक छोड़ी गई इलेक्ट्रिक प्रेस आग लगने का कारण हो सकती है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी।
दमकल विभाग ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आग से हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने फ्लैट के अंदर मौजूद बिजली उपकरणों और अन्य सामान की भी जांच की है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किस तरह फैली और कितनी देर में पूरे फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के समय अचानक इमारत से धुआं निकलता दिखाई दिया। इसके बाद लोगों में डर का माहौल बन गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ लोगों ने अपनी मदद से भी फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
इस घटना ने एक बार फिर घरों में बिजली उपकरणों और ज्वलनशील वस्तुओं के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेस, हीटर और अन्य गर्म होने वाले उपकरणों को इस्तेमाल के बाद तुरंत बंद कर देना चाहिए और उन्हें कपड़ों या ज्वलनशील सामान के पास नहीं छोड़ना चाहिए।
मुंबई जैसे बड़े शहरों में ऊंची इमारतों में आग लगने की घटनाएं चिंता का विषय रही हैं। ऐसे हादसों से बचने के लिए इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम का सही तरीके से काम करना बेहद जरूरी है। दमकल विभाग समय-समय पर लोगों को आग से बचाव के उपायों को लेकर जागरूक करता रहता है।
पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और इमारत में रहने वाले लोगों से जानकारी ली जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग किस कारण से लगी और इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं।
फिलहाल विले पार्ले की इस घटना से इलाके में शोक का माहौल है। एक महिला और मासूम बच्चे की मौत से सोसायटी के लोग सदमे में हैं। प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए राहत और जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है।





