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महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में रेलवे सुविधाओं के विस्तार और विकास को गति देने के लिए अलग रेलवे डिवीजन बनाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस मांग को लेकर सांसद संदीपान भुमरे ने दिल्ली स्थित रेल भवन में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को रिमाइंडर पत्र सौंपा है।
सांसद भुमरे ने अपने पत्र के माध्यम से मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए अलग रेलवे डिवीजन की मांग को जल्द पूरा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है।
जानकारी के अनुसार, सांसद संदीपान भुमरे ने इससे पहले 8 जुलाई, 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को मराठवाड़ा के लिए अलग रेलवे डिवीजन बनाने के संबंध में एक पत्र सौंपा था। हालांकि, उस पत्र पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्होंने दोबारा रिमाइंडर देकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है।
सांसद ने कहा कि मराठवाड़ा क्षेत्र भौगोलिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है और यहां रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की जरूरत है। अलग रेलवे डिवीजन बनने से रेलवे प्रशासन अधिक प्रभावी हो सकेगा और स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं तैयार की जा सकेंगी।
इससे पहले 6 जुलाई को नांदेड़ में आयोजित साउथ सेंट्रल रेलवे की वार्षिक समीक्षा बैठक में भी सांसद संदीपान भुमरे ने मराठवाड़ा से जुड़े रेलवे विकास के कई मुद्दे उठाए थे। इस बैठक में मराठवाड़ा क्षेत्र के अन्य सांसद भी मौजूद थे और उन्होंने भी रेलवे सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़ी मांगें रखीं।
बैठक के दौरान रेलवे लाइन विस्तार, नई ट्रेनों की शुरुआत, यात्री सुविधाओं में सुधार और क्षेत्र में रेलवे परियोजनाओं को गति देने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि, सांसद भुमरे ने विशेष रूप से मराठवाड़ा के लिए अलग रेलवे डिवीजन की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा की लंबे समय से यह मांग रही है कि क्षेत्र को अपनी अलग रेलवे प्रशासनिक इकाई मिले। वर्तमान व्यवस्था में स्थानीय मुद्दों के समाधान और विकास योजनाओं को लागू करने में कई बार देरी होती है।
सांसद ने कहा कि अलग रेलवे डिवीजन बनने से क्षेत्र में रेलवे से जुड़े फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे। इससे न केवल यात्री सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मराठवाड़ा क्षेत्र महाराष्ट्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां बड़ी आबादी रेलवे सेवाओं पर निर्भर है। क्षेत्र के कई जिलों में रेलवे नेटवर्क के विस्तार की मांग लंबे समय से चली आ रही है।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि अलग रेलवे डिवीजन बनने से मराठवाड़ा के विकास को नई दिशा मिल सकती है। इससे रेलवे परियोजनाओं की योजना और निगरानी स्थानीय स्तर पर बेहतर तरीके से हो सकेगी।
सांसद भुमरे ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि मराठवाड़ा की इस पुरानी मांग पर जल्द निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर रेलवे सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह कदम बेहद जरूरी है।
रेलवे प्रशासन की ओर से इस मांग पर अभी कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। हालांकि, सांसद द्वारा दोबारा रिमाइंडर दिए जाने के बाद इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी क्षेत्र के विकास में मजबूत परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। रेलवे डिवीजन जैसी प्रशासनिक व्यवस्था से योजनाओं को स्थानीय स्तर पर लागू करने में मदद मिलती है।
मराठवाड़ा के लिए अलग रेलवे डिवीजन की मांग अब केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि इसे क्षेत्र के समग्र विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले समय में इस मांग पर केंद्र सरकार क्या निर्णय लेती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।





