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मुंबई। मुंबई की खार पुलिस ने बिना जरूरी दस्तावेज और KYC प्रक्रिया के सिम कार्ड बेचने के आरोप में 38 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के नियमों और टेलीकॉम एक्ट, 2023 के प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बांद्रा निवासी ईमान अब्दुल जब्बार शेख के रूप में हुई है। पुलिस का आरोप है कि वह दूसरे लोगों के नाम पर रजिस्टर्ड सिम कार्ड बिना उचित सत्यापन के बेच रहा था।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। जांच के दौरान पुलिस ने डिकॉय कस्टमर यानी नकली ग्राहक का इस्तेमाल कर आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई।
डिकॉय ग्राहक के जरिए हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, 1 सितंबर को मिली सूचना के आधार पर खार पुलिस ने पश्चिम खार इलाके में लिंकिंग रोड स्थित KFC आउटलेट के पास आरोपी पर नजर रखी।
इसके बाद पुलिस ने एक डिकॉय ग्राहक को आरोपी के पास भेजा। नकली ग्राहक ने आरोपी से कहा कि उसके पास आधार कार्ड नहीं है, लेकिन उसे एक नया मोबाइल सिम कार्ड चाहिए।
आरोप है कि इस पर आरोपी ने बिना किसी दस्तावेज और KYC प्रक्रिया के एक एक्टिवेटेड सिम कार्ड उपलब्ध कराने की बात कही।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इस सिम कार्ड के लिए 2,000 रुपये की मांग की थी।
बिना दस्तावेज सिम देने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर टेलीकॉम नियमों की अनदेखी कर सिम कार्ड उपलब्ध करा रहा था।
नए सिम कार्ड जारी करने के लिए ग्राहक की पहचान और पते का सत्यापन जरूरी होता है। इसके लिए KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने इन नियमों को दरकिनार करते हुए बिना पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेजों के सिम देने की कोशिश की।
टेलीकॉम एक्ट के तहत कार्रवाई
खार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ टेलीकॉम एक्ट, 2023 और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी कितने समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था और उसने अब तक कितने लोगों को बिना सत्यापन वाले सिम कार्ड उपलब्ध कराए हैं।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पास ऐसे सिम कार्ड कहां से आते थे और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।
साइबर अपराध से जुड़ा हो सकता है मामला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिना KYC वाले सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर अपराध, धोखाधड़ी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा सकता है।
इसी वजह से टेलीकॉम कंपनियों और पुलिस द्वारा बिना सत्यापन के जारी होने वाले सिम कार्ड पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि अवैध तरीके से सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले लोग अप्रत्यक्ष रूप से साइबर अपराधियों की मदद कर सकते हैं।
पुलिस ने शुरू की आगे की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान उसके मोबाइल रिकॉर्ड, सिम कार्ड से जुड़े दस्तावेज और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि क्या आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी सिम कार्ड गलत तरीके से बेचे हैं।
यदि जांच में बड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आती है तो पुलिस आगे और गिरफ्तारियां कर सकती है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे कभी भी बिना पहचान सत्यापन के सिम कार्ड न खरीदें। साथ ही, किसी दूसरे व्यक्ति को अपने दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल करने की अनुमति न दें।
अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल नंबर आज बैंकिंग, सोशल मीडिया और डिजिटल सेवाओं से जुड़े होते हैं, इसलिए सिम कार्ड की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।
मुंबई पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अवैध तरीके से सिम कार्ड बेचने वालों पर शिकंजा कसने की संभावना बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि टेलीकॉम नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





