महाराष्ट्र

Malegaon: वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, वन्यजीव तस्करी के आरोप में एक गिरफ्तार

Kavita2
1 May 2026 5:21 PM IST
Malegaon: वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, वन्यजीव तस्करी के आरोप में एक गिरफ्तार
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Maharashtra महाराष्ट्र: मालेगांव शहर में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को बेलबाग-चूनाभट्टी इलाके में की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुदस्सिर अहमद अकील अहमद के रूप में हुई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के घर से संरक्षित वन्यजीवों से संबंधित मांस बरामद किया गया है, जिसमें विशेष रूप से चिंकारा और मोर का मांस शामिल है। ये दोनों प्रजातियां कानून के तहत संरक्षित हैं और इनके शिकार तथा व्यापार पर सख्त प्रतिबंध है।

यह कार्रवाई मालेगांव डिवीजन के सहायक वन संरक्षक (Assistant Conservator of Forests) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना में बताया गया था कि आरोपी अपने घर पर वन्यजीव मांस को अवैध रूप से संग्रहित कर उसे बिक्री के उद्देश्य से रख रहा है।

सूचना की पुष्टि करने के बाद वन विभाग ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की और मौके पर निगरानी शुरू की। इसके बाद वन रेंजर और उनकी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा और आरोपी को उसके घर से हिरासत में ले लिया।

छापेमारी के दौरान घर की तलाशी में संरक्षित वन्यजीवों से संबंधित मांस बरामद हुआ, जिसे बाद में जब्त कर लिया गया। विभाग ने बताया कि यह मामला वन्यजीव संरक्षण कानून के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा हुआ है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि आरोपी इस अवैध गतिविधि में लंबे समय से शामिल हो सकता है और संभव है कि उसका संबंध किसी बड़े वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से हो।

वन विभाग ने कहा है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की अवैध शिकार या तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे ऐसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।

स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई के बाद लोगों ने वन विभाग की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस तरह की सख्त कार्रवाइयों से वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। वन विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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