महाराष्ट्र

Malegaon : नाबालिग की अवैध डिलीवरी और नवजात को बेचने की कोशिश का मामला

Kavita2
9 Jun 2026 5:25 PM IST
Malegaon : नाबालिग की अवैध डिलीवरी और नवजात को बेचने की कोशिश का मामला
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Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नासिक जिले के अंतर्गत आने वाले Malegaon से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें 16 साल की नाबालिग लड़की की कथित तौर पर गैर-कानूनी डिलीवरी कराए जाने और नवजात बच्चे को बेचने की कोशिश के आरोप लगे हैं। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में चार डॉक्टरों समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जबकि अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस के अनुसार यह घटना 3 जून की है, जब संजय भागवत गवली, नंदिनी गवली और प्रवीण देशमुख नाम के तीन लोग नाबालिग लड़की को इलाज के लिए Hirai Hospital में लेकर पहुंचे। बताया गया है कि लड़की नाजायज़ संबंध के कारण गर्भवती हो गई थी और उसे चिकित्सकीय सहायता की जरूरत थी। इसी दौरान उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।

जांच में सामने आया है कि अस्पताल में डॉ. डांगे और डॉ. किशोरी डांगे की सलाह पर लड़की को भर्ती रखा गया और उसका इलाज शुरू किया गया। इसके बाद डॉ. अनुजा शेवाले और डॉ. प्रीति जाधव सहित मेडिकल स्टाफ नवसीन रफीक शेख, सार्थक प्रवीण जगताप और मोहम्मद फहीम मोहम्मद ने कथित रूप से सी-सेक्शन ऑपरेशन कर नाबालिग का प्रसव कराया।

पुलिस जांच में सबसे गंभीर आरोप यह सामने आया है कि बच्चे के जन्म के बाद उसकी पहचान छिपाई गई और उसे अवैध रूप से बेचने की कोशिश की गई। इस घटना की जानकारी सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में कई स्तर पर नियमों और कानूनों का उल्लंघन हुआ है, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब Malegaon General Hospital के मेडिकल ऑफिसर डॉ. जितेंद्र डोले को एक सोशल एक्टिविस्ट से इस घटना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और कई आरोपियों को हिरासत में लिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला केवल अवैध प्रसव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नवजात बच्चे की बिक्री और संभावित मानव तस्करी के पहलू भी जुड़े हो सकते हैं। इसी कारण मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। अस्पताल के रिकॉर्ड, डॉक्टरों की भूमिका, स्टाफ की गतिविधियां और संबंधित लोगों के बीच हुए संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने स्थानीय स्तर पर लोगों को झकझोर दिया है और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता तथा निगरानी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो और दोषियों को कानून के तहत सजा मिले।

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