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महाराष्ट्र ATS की बड़ी कार्रवाई, 9.4 करोड़ की क्रिस्टल मेथ जब्त

Kavita2
12 Aug 2026 2:57 PM IST
महाराष्ट्र ATS की बड़ी कार्रवाई, 9.4 करोड़ की क्रिस्टल मेथ जब्त
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मुंबई। महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 9.4 करोड़ रुपये कीमत की 4.718 किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त की है। सिंथेटिक ड्रग के रूप में जानी जाने वाली इस नशीली पदार्थ को आमतौर पर ‘क्रिस्टल मेथ’ कहा जाता है। जांच की शुरुआत मुंबई में हुई एक ड्रग बरामदगी से हुई और आगे बढ़ते हुए ATS की टीम उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित कथित गुप्त मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तक पहुंची। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो विदेशी महिलाओं को सह-आरोपी बनाया गया है और वे फिलहाल फरार बताई जा रही हैं।

ATS के मुताबिक पूरी कार्रवाई में मुंबई से करीब 2.05 किलोग्राम और ग्रेटर नोएडा से 2.668 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद की गई। दोनों बरामदगियों को मिलाकर कुल मात्रा 4.718 किलोग्राम हो गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 9.4 करोड़ रुपये बताई गई है। ग्रेटर नोएडा की कार्रवाई में कथित तौर पर ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बरामद हुई है।

बांद्रा ईस्ट में बिछाया जाल

मामले की शुरुआत मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके से हुई। ATS की कालाचौकी यूनिट को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मेथामफेटामाइन की खेप लेकर उसे बेचने के लिए इलाके में पहुंचने वाला है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए ATS की टीम ने एम्बर होटल के पास निगरानी शुरू की और संदिग्ध व्यक्ति के पहुंचते ही उसे पकड़ लिया।

अधिकारियों के अनुसार आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से करीब 2.05 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुई। इसकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपये आंकी गई। बरामदगी के बाद आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

मुंबई में हुई इस पहली बरामदगी ने जांच एजेंसियों को ड्रग की सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने का रास्ता दिया। पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को ऐसे सुराग मिले, जिनसे संकेत मिला कि बरामद सिंथेटिक ड्रग की आपूर्ति उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित एक कथित उत्पादन केंद्र से की जा रही थी।

पूछताछ से ग्रेटर नोएडा तक पहुंची टीम

मुंबई में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद ATS को कथित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद महाराष्ट्र ATS की एक टीम उत्तर प्रदेश पहुंची। स्थानीय पुलिस की सहायता से टीम ने ग्रेटर नोएडा में संबंधित परिसर पर छापेमारी की।

तलाशी के दौरान ATS को वहां से 2.668 किलोग्राम और मेथामफेटामाइन मिली। इसकी अनुमानित कीमत करीब 5.4 करोड़ रुपये बताई गई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि परिसर से कथित तौर पर ड्रग के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई है। इससे जांचकर्ताओं को आशंका है कि परिसर का इस्तेमाल सिंथेटिक ड्रग तैयार करने के लिए किया जा रहा था।

9.4 करोड़ रुपये की ड्रग बरामद

मुंबई और ग्रेटर नोएडा में हुई दोनों कार्रवाइयों को जोड़ने पर ATS ने कुल 4.718 किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त की है। अधिकारियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार की कीमत के आधार पर बरामद ड्रग की कुल कीमत करीब 9.4 करोड़ रुपये है।

मेथामफेटामाइन एक शक्तिशाली सिंथेटिक नशीला पदार्थ है। इसे आम तौर पर क्रिस्टल मेथ के नाम से जाना जाता है। ड्रग की तस्करी और अवैध निर्माण पर NDPS कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में बड़ी मात्रा में इसकी बरामदगी को एजेंसी गंभीरता से ले रही है।

दो विदेशी महिलाएं भी जांच के घेरे में

ATS ने मामले में दो विदेशी महिलाओं को भी सह-आरोपी बनाया है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों फिलहाल फरार हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रग निर्माण, उसकी आपूर्ति और मुंबई तक खेप पहुंचाने में इन दोनों की क्या भूमिका थी।

एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में भी जुटी है। जांच का दायरा केवल जब्त ड्रग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए इस्तेमाल किए गए कच्चे माल, निर्माण प्रक्रिया, सप्लाई नेटवर्क और अंतिम खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही ATS

ATS अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए कच्चा माल कहां से लाया जाता था और तैयार ड्रग को किन रास्तों से अलग-अलग शहरों तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।

जांचकर्ताओं की नजर ड्रग की खरीद, निर्माण, परिवहन और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क पर है। ग्रेटर नोएडा से बरामद सामग्री और उपकरणों की भी जांच की जा रही है, ताकि कथित यूनिट के संचालन और उसकी क्षमता के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।

महाराष्ट्र ATS की इस कार्रवाई ने एक बार फिर अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क की चुनौती को सामने ला दिया है। मुंबई में एक छोटी कड़ी से शुरू हुई जांच का उत्तर प्रदेश तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध निर्माण के नेटवर्क कई राज्यों में फैले हो सकते हैं। फिलहाल एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि फरार सह-आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

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