महाराष्ट्र

गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड ट्विन टनल प्रोजेक्ट में बड़ी उपलब्धि

Kavita2
30 July 2026 10:31 AM IST
गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड ट्विन टनल प्रोजेक्ट में बड़ी उपलब्धि
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मुंबई। मुंबई के महत्वाकांक्षी गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) ट्विन टनल प्रोजेक्ट ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल कर लिया है। परियोजना के लिए पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) को पूरी तरह से असेंबल कर लिया गया है। इसके सभी प्रमुख हिस्सों को जोड़ने का अंतिम काम गुरुवार को पूरा होने की उम्मीद है। टनल निर्माण शुरू होने से पहले इसे परियोजना की दिशा में बड़ी तकनीकी उपलब्धि माना जा रहा है।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों के अनुसार, TBM के सभी जरूरी सिस्टम की जांच पूरी कर ली गई है। मशीन के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, हाइड्रोलिक, कंट्रोल और सेफ्टी सिस्टम के इंटीग्रेटेड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। अब अंतिम तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मशीन जमीन के अंदर सुरंग बनाने का काम शुरू करेगी।

अतिरिक्त नगर आयुक्त (प्रोजेक्ट्स) अभिजीत बांगर ने बताया कि TBM को सुरंग निर्माण के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी तकनीकी और सुरक्षा जांच पूरी होने तथा प्रमाणन मिलने के बाद ही मशीन से टनल बनाने का काम शुरू किया जाएगा। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि निर्माण कार्य अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।

गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी सुधारने वाली एक महत्वपूर्ण योजना है। इस परियोजना का उद्देश्य गोरेगांव और मुलुंड के बीच यात्रा समय को कम करना और शहर की सड़कों पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करना है।

वर्तमान में मुंबई के पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के बीच आवागमन के लिए लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। GMLR परियोजना पूरी होने के बाद दोनों क्षेत्रों के बीच सीधा संपर्क बेहतर होगा। इससे लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है और शहर के परिवहन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।

इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा ट्विन टनल का निर्माण है। जमीन के नीचे बनने वाली इन सुरंगों के लिए अत्याधुनिक TBM तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। TBM मशीनें बड़े व्यास की सुरंगों को सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से बनाने के लिए उपयोग की जाती हैं। इनके जरिए खुदाई के साथ-साथ सुरंग की संरचना को मजबूत करने का काम भी किया जाता है।

पहली TBM के असेंबल होने के बाद अब परियोजना अगले चरण में प्रवेश कर रही है। मशीन के संचालन से पहले विशेषज्ञों की टीम सभी सुरक्षा मानकों की अंतिम जांच करेगी। इसमें मशीन के दबाव नियंत्रण, खुदाई प्रणाली, आपातकालीन व्यवस्था और अन्य तकनीकी पहलुओं की समीक्षा शामिल होगी।

BMC अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े स्तर की भूमिगत परियोजना में सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सुरंग निर्माण के दौरान आसपास के क्षेत्रों पर किसी तरह का नकारात्मक प्रभाव न पड़े, इसके लिए आधुनिक तकनीक और निगरानी व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाएगा।

GMLR परियोजना मुंबई के भविष्य के परिवहन ढांचे के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शहर में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण नए संपर्क मार्गों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस परियोजना के जरिए न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आने की भी उम्मीद है।

परियोजना के तहत बनने वाली ट्विन टनल आधुनिक इंजीनियरिंग का उदाहरण होंगी। भूमिगत मार्ग तैयार होने से ऊपर की जमीन का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा और शहर के सीमित स्थान पर यातायात प्रबंधन आसान होगा।

मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में भूमिगत निर्माण कार्य कई चुनौतियों से भरा होता है। इसमें जमीन की स्थिति, मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़े पहलुओं का ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे में TBM तकनीक का इस्तेमाल परियोजना को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से पूरा करने में मदद करेगा।

अधिकारियों के मुताबिक, पहली TBM के काम शुरू करने के बाद परियोजना की प्रगति को और गति मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में दूसरी TBM और अन्य निर्माण गतिविधियों को भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना मुंबई के लिए सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि शहर की भविष्य की परिवहन जरूरतों को पूरा करने वाली एक बड़ी पहल है। पहली TBM के तैयार होने से इस परियोजना को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

अब सभी की नजरें उस समय पर हैं जब सुरक्षा प्रमाणन के बाद TBM जमीन के अंदर उतरकर सुरंग निर्माण की शुरुआत करेगी। यह कदम मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।

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