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महाराष्ट्र
दिवाली से पहले FDA की बड़ी छापेमारी, करोड़ों का संदिग्ध खाद्य सामान जब्त
Ratna Netam
29 Oct 2026 7:05 PM IST

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मुंबई : 29 अक्टूबर 2026। महाराष्ट्र में दिवाली से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट और खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर में विशेष अभियान तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत मसाले, खाद्य तेल, मिठाइयां, दूध से बने उत्पाद और अन्य खाद्य सामग्री की जांच की जा रही है। कई स्थानों पर बड़ी मात्रा में संदिग्ध मसाले जब्त किए गए हैं। हालांकि, केवल मसालों की 19.69 करोड़ रुपये की जब्ती की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं हुई है। 25 अक्टूबर की रिपोर्टों में अभियान के तहत कुल 16.92 करोड़ रुपये तक के संदिग्ध और प्रतिबंधित सामान की जब्ती का उल्लेख मिलता है।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। दिवाली के समय मिठाइयों, नमकीन, मसालों, खाद्य तेल और दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने खाद्य निर्माण इकाइयों, गोदामों, थोक बाजारों और खुदरा प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ाई है।राज्यव्यापी कार्रवाई में अब तक 68 प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए जाने और सात निर्माण इकाइयों को बंद करने के आदेश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अतिरिक्त प्रतिबंधित उत्पादों से जुड़े मामलों में 22 एफआईआर दर्ज हुई हैं और 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
नागपुर में भी एफडीए की टीम ने विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। कलमना, इतवारी, वाड़ी और नागपुर ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान 219.4 किलोग्राम मसाले जब्त किए गए। इनकी कीमत लगभग 77.12 लाख रुपये बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ स्थानों पर अस्वच्छ भंडारण, गलत लेबलिंग, खराब पैकेजिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
नागपुर एफडीए के सहायक आयुक्त आरआर शाह ने स्पष्ट किया कि जब्त मसालों में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी। विभाग ने संबंधित खाद्य सामग्री के नमूनों की जांच कराने की प्रक्रिया शुरू की है। इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ है कि एफडीए संदिग्ध उत्पादों की बिक्री रोकने के साथ-साथ निर्माण और भंडारण की परिस्थितियों पर भी ध्यान दे रहा है।जालना जिले में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने मसाला निर्माण इकाइयों और नमकीन उत्पादकों के प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। यहां तीन इकाइयों से करीब 6.60 लाख रुपये की खाद्य सामग्री जब्त की गई। इसमें मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर, सेव, लहसुन चिवड़ा और मिश्रित फरसाण जैसे उत्पाद शामिल थे।
जालना तहसील के सावरगांव हड़प स्थित एक मसाला इकाई से 360 किलोग्राम मिर्च पाउडर और 100 किलोग्राम धनिया पाउडर जब्त किया गया। वहीं, एमआईडीसी क्षेत्र की दूसरी इकाई से 298 किलोग्राम हल्दी पाउडर और 58 किलोग्राम धनिया पाउडर जब्त हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उत्पादन के दौरान स्वच्छता मानकों के पालन को लेकर कार्रवाई की गई।पुणे विभाग में भी जांच अभियान के दौरान खोया और मसालों की बड़ी खेप जब्त की गई। यहां लगभग 2.11 टन खोया और विभिन्न मसाले कब्जे में लिए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 7.93 लाख रुपये बताई गई है। सांगली में 538 किलोग्राम प्याज-लहसुन मसाला और सोलापुर में 48 किलोग्राम भाजी मसाला जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त नारायणगांव में हल्दी, मिर्च, मालवणी और मटन मसाले सहित 187.1 किलोग्राम खाद्य सामग्री पर कार्रवाई की गई।
छत्रपति संभाजीनगर विभाग में भी व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। हिंगोली जिले के वसमत क्षेत्र में एक इकाई से 23,700 किलोग्राम हल्दी पाउडर जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 59.50 लाख रुपये थी। अधिकारियों ने हल्दी की गुणवत्ता को लेकर संदेह जताया है। खाद्य सामग्री की प्रयोगशाला रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उसमें मिलावट थी या वह निर्धारित मानकों के अनुरूप थी।मसालों की गुणवत्ता में गड़बड़ी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकती है। विशेष रूप से हल्दी, मिर्च और अन्य पिसे हुए मसालों में अनधिकृत रंग, घटिया सामग्री या बाहरी पदार्थों की मिलावट स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकती है। हालांकि, जब्ती की कार्रवाई को अपने आप में मिलावट का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। इसके लिए वैज्ञानिक परीक्षण और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को साफ-सफाई, उचित भंडारण, सही लेबलिंग और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करने की हिदायत दी है। साथ ही उपभोक्ताओं को भी सलाह दी जाती है कि वे पैकिंग पर निर्माता का विवरण, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और उपयोग की अंतिम तारीख अवश्य जांचें।महाराष्ट्र में दिवाली के दौरान यह अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है। विभाग की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य त्योहारों की बढ़ती मांग के बीच संदिग्ध और असुरक्षित खाद्य सामग्री को बाजार तक पहुंचने से रोकना है। आने वाले दिनों में प्रयोगशाला रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
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