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DRI की बड़ी कार्रवाई मक्के की बोरियों में छिपाई 56 किलो मेथम्फेटामाइन जब्त

मुंबई। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने भारत से सऊदी अरब भेजी जा रही बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित ड्रग्स की तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया है। DRI अधिकारियों ने नावा शेवा पोर्ट पर एक एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट से करीब 56 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन (Methamphetamine) बरामद की है। यह ड्रग पाउडर के रूप में छिपाकर भेजी जा रही थी।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। DRI की टीम को सूचना मिली थी कि एक एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट के जरिए भारत से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ विदेश भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद अधिकारियों ने नावा शेवा पोर्ट पर संदिग्ध खेप की जांच शुरू की।
जांच के दौरान एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट में रखी गई बोरियों की तलाशी ली गई। इस कंसाइनमेंट में कुल 351 बोरियां थीं। इनमें से एक बोरी में मक्के के साथ प्रतिबंधित मेथम्फेटामाइन को बेहद चालाकी से छिपाया गया था। अधिकारियों ने जब जांच की तो मक्के के बीच छिपाकर रखे गए पाउडर को बरामद किया गया।
DRI अधिकारियों ने बताया कि बरामद पदार्थ की जांच के बाद इसकी पहचान मेथम्फेटामाइन के रूप में हुई। इसकी मात्रा करीब 56 किलोग्राम बताई गई है। बरामद ड्रग को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप सऊदी अरब भेजने की तैयारी में थी। हालांकि, अभी तक इस मामले में तस्करी के नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। DRI अधिकारियों ने मामले की आगे जांच शुरू कर दी है।
मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए देश की सुरक्षा और जांच एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क भारत के रास्ते दूसरे देशों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं। ऐसे मामलों में तस्कर अक्सर खाद्य सामग्री, कपड़ों, मशीनरी और अन्य सामानों के बीच ड्रग्स छिपाने का तरीका अपनाते हैं।
DRI की यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि खुफिया जानकारी और सतर्क निगरानी के कारण इस खेप को समय रहते पकड़ लिया गया। अगर यह कंसाइनमेंट विदेश पहुंच जाता तो बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ अवैध बाजार तक पहुंच सकता था।
मेथम्फेटामाइन एक खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है, जिसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक माना जाता है। यह नशीला पदार्थ कई देशों में प्रतिबंधित है और इसके अवैध व्यापार पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। भारत में भी NDPS एक्ट के तहत इसके उत्पादन, बिक्री और तस्करी पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई ड्रग की कीमत और इसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस खेप के पीछे कौन लोग शामिल थे और इसे कहां से लाया गया था।
DRI अब एक्सपोर्ट कंसाइनमेंट से जुड़े दस्तावेजों, निर्यातक की जानकारी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जांच कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ और जांच के दौरान इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
नावा शेवा पोर्ट देश के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां यहां आने-जाने वाली संदिग्ध खेपों पर लगातार नजर रखती हैं।
फिलहाल DRI की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि इस ड्रग तस्करी के पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय गिरोह तो सक्रिय नहीं है।





