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DRI की बड़ी कार्रवाई: श्रीकाकुलम में वन्यजीव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़

Maharashtra महाराष्ट्र: डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI), मुंबई जोनल यूनिट की नागपुर रीजनल यूनिट ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में एक बड़े अवैध वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में मालाबार जायंट स्क्विरल्स (रातुफ़ा इंडिका), इंडियन स्टार टॉर्टोइज़ (जियोकेलोन एलिगेंस), जंगली मुर्गे और छोटे इंडियन सिवेट (विवरिकुला इंडिका) जैसी संरक्षित प्रजातियों के अवैध व्यापार का खुलासा हुआ है।
यह ऑपरेशन दो दिनों तक चला, जो बुधवार और गुरुवार को अंजाम दिया गया। खुफिया जानकारी के आधार पर DRI की टीम ने श्रीकाकुलम शहर में एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया और उसके पास से कई संरक्षित वन्यजीवों को सुरक्षित बरामद किया। जांच के दौरान चार मालाबार जायंट स्क्विरल्स, एक इंडियन स्टार टॉर्टोइज़ और 14 जंगली मुर्गे पिंजरों में बंद हालत में पाए गए, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इन जीवों को अवैध रूप से पकड़कर एक संगठित तस्करी नेटवर्क के माध्यम से खरीदारों तक पहुंचाने की योजना थी। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से वन्यजीवों की अवैध खरीद-फरोख्त में सक्रिय था और संरक्षित प्रजातियों को बाजार में ऊंची कीमतों पर बेचने का प्रयास कर रहा था।
DRI की टीम द्वारा की गई आगे की जांच के दौरान सुरागों के आधार पर एक और महत्वपूर्ण स्थान की पहचान की गई। इसके बाद टीम श्रीकाकुलम शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर रायकुर्दी गांव पहुंची, जहां एक सुनसान और दूरस्थ इलाके में छापेमारी की गई। यहां से दो छोटे इंडियन सिवेट के बच्चे भी सुरक्षित अवस्था में बरामद किए गए।
अधिकारियों ने बताया कि सभी बरामद वन्यजीवों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है, जहां विशेषज्ञ उनकी देखभाल और पुनर्वास की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं। वन्यजीवों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि उन्हें किसी प्रकार की हानि न हो।
DRI अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करते हुए संरक्षित प्रजातियों की अवैध तस्करी में शामिल था। भारत में इन प्रजातियों का व्यापार सख्त रूप से प्रतिबंधित है और इसके बावजूद तस्कर इन्हें पकड़कर अवैध रूप से बेचने की कोशिश कर रहे थे।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी हैं। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह गिरोह राज्य और अंतर-राज्यीय स्तर पर सक्रिय हो सकता है और इसके तार अन्य इलाकों से भी जुड़े हो सकते हैं। अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मालाबार जायंट स्क्विरल और इंडियन स्टार टॉर्टोइज़ जैसी प्रजातियां पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इनके अवैध व्यापार से जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंचता है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जरूरी होती है ताकि इन प्रजातियों को बचाया जा सके।
DRI ने कहा है कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ उनकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। एजेंसी ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें।
कुल मिलाकर, श्रीकाकुलम में की गई यह कार्रवाई वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसमें कई संरक्षित प्रजातियों को सुरक्षित बचाया गया और एक संगठित तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।





