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CBI की बड़ी कार्रवाई: UCO बैंक को ₹16.80 करोड़ के कथित लोन घोटाले में जांच शुरू

Kavita2
24 Jun 2026 10:25 AM IST
CBI की बड़ी कार्रवाई: UCO बैंक को ₹16.80 करोड़ के कथित लोन घोटाले में जांच शुरू
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Maharashtra महाराष्ट्र: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की मुंबई स्थित स्पेशल टास्क ब्रांच ने UCO बैंक से जुड़े एक कथित वित्तीय घोटाले के मामले में जांच शुरू कर दी है। यह मामला करोड़ों रुपये के नुकसान से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें तीन निजी कंपनियों और कुछ अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

CBI के अनुसार, यह मामला UCO बैंक के अहमदाबाद ज़ोनल ऑफिस के लॉ डिपार्टमेंट में कार्यरत डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) और ज़ोनल हेड अभिषेक सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ निजी कंपनियों और बैंक के अज्ञात सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से एक सुनियोजित साजिश रची गई।

आरोप है कि अहमदाबाद की एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी, उसके डायरेक्टर्स, एक पार्टनरशिप फर्म और एक अन्य निजी कंपनी ने मिलकर इस कथित घोटाले को अंजाम दिया। जांच एजेंसी के अनुसार, इन सभी ने बैंक के कुछ अज्ञात अधिकारियों की मिलीभगत से UCO बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई।

मामले में सामने आए तथ्यों के अनुसार, मार्च 2023 में घरेलू बाजार में इक्विपमेंट लीज़िंग और रेंटल व्यवसाय के लिए UCO बैंक की एलिसब्रिज शाखा, अहमदाबाद से 16.80 करोड़ रुपये का टर्म लोन लिया गया था। यह लोन कथित रूप से फर्जी या भ्रामक दस्तावेजों के आधार पर स्वीकृत कराया गया।

CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ने अपने डायरेक्टरों के माध्यम से लोन के लिए आवेदन किया था। इसके साथ ही एक पार्टनरशिप फर्म द्वारा जारी 16 फरवरी 2021 की तारीख वाला 22.40 करोड़ रुपये का कोटेशन भी बैंक को प्रस्तुत किया गया, जिसे लोन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में शामिल किया गया।

जांच एजेंसी का मानना है कि इस पूरे मामले में दस्तावेजों की सत्यता और लोन स्वीकृति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हो सकती हैं। इसी आधार पर CBI ने संबंधित कंपनियों, उनके निदेशकों और अन्य संदिग्धों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

CBI अधिकारियों के अनुसार, यह मामला बैंकिंग प्रणाली में संभावित धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़ा हो सकता है, जिसमें सार्वजनिक धन को नुकसान पहुंचाने की आशंका है। फिलहाल एजेंसी ने प्रारंभिक जांच शुरू की है और दस्तावेजों की गहन समीक्षा की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि लोन स्वीकृति प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही या मिलीभगत तो नहीं हुई।

इस मामले को गंभीर वित्तीय अपराध की श्रेणी में देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें करोड़ों रुपये के सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। CBI अब यह भी जांच कर रही है कि लोन की राशि का वास्तविक उपयोग हुआ या नहीं और क्या यह धन निर्धारित उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर दस्तावेजी सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यदि अनियमितता साबित होती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर, UCO बैंक से जुड़े इस कथित लोन घोटाले ने बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता और निगरानी प्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। CBI की जांच से आने वाले समय में इस पूरे मामले की परतें खुलने की उम्मीद है।

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