महाराष्ट्र

सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ बड़ा अभियान 99 किलो सामान जब्त और 79 हजार जुर्माना

Kavita2
11 Sept 2026 5:55 PM IST
सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ बड़ा अभियान 99 किलो सामान जब्त और 79 हजार जुर्माना
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ठाणे। शहर में प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक की बिक्री और इस्तेमाल रोकने के लिए ठाणे महानगरपालिका ने शुक्रवार को व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों से कुल 99 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री जब्त की गई। नगर निगम की टीमों ने उल्लंघन करने वालों पर कुल 79 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कार्रवाई से बाजारों, दुकानों और सड़क किनारे कारोबार करने वालों में हलचल बनी रही।

यह अभियान ठाणे महानगरपालिका के प्रदूषण नियंत्रण विभाग और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग ने संयुक्त रूप से चलाया। पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए गठित विशेष टीमों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की। अधिकारियों ने कुल 75 दुकानों, बाजारों, प्रतिष्ठानों और सड़क किनारे सामान बेचने वाले विक्रेताओं का निरीक्षण किया।

अभियान के लिए तीन प्रमुख वार्ड समिति क्षेत्रों के व्यावसायिक केंद्रों को चुना गया था। टीमों ने उन बाजारों और इलाकों पर विशेष ध्यान दिया, जहां प्लास्टिक थैलियों, डिस्पोजेबल वस्तुओं और पैकेजिंग सामग्री का अधिक इस्तेमाल होने की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान प्रतिबंधित श्रेणी में आने वाले उत्पाद मिलने पर उन्हें जब्त कर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की गई।

सिंगल-यूज प्लास्टिक से आशय ऐसी प्लास्टिक वस्तुओं से है, जिन्हें आमतौर पर केवल एक बार इस्तेमाल करने के बाद फेंक दिया जाता है। इनका दोबारा उपयोग सीमित होता है और कई उत्पादों का पुनर्चक्रण भी कठिन होता है। कम मोटाई वाली प्लास्टिक थैलियां, कुछ प्रकार की डिस्पोजेबल प्लेट, कप, चम्मच, कांटे, स्ट्रॉ और अन्य वस्तुएं पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या पैदा करती हैं।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद कई स्थानों पर सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल जारी रहता है। छोटे दुकानदार, सब्जी और फल विक्रेता, भोजनालय तथा सड़क किनारे कारोबार करने वाले लोग ग्राहकों को सामान देने के लिए प्लास्टिक थैलियों और डिस्पोजेबल सामग्री का उपयोग करते पाए जाते हैं। इसी कारण निरीक्षण और जुर्माने के माध्यम से नियमों का पालन कराने की कोशिश की जा रही है।

99 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक की बरामदगी यह दर्शाती है कि बाजार में इन उत्पादों की उपलब्धता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। केवल खुदरा विक्रेताओं पर कार्रवाई करने के साथ इनके आपूर्तिकर्ताओं और थोक विक्रेताओं की पहचान करना भी जरूरी होगा। यदि उत्पादन और थोक वितरण की श्रृंखला जारी रहती है तो जब्ती के बाद बाजार में दोबारा प्रतिबंधित सामग्री पहुंच सकती है।

अभियान के दौरान अधिकारियों ने कारोबारियों को नियमों की जानकारी भी दी। उन्हें कपड़े, कागज, जूट और अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। नगर निगम का मानना है कि जुर्माना लगाने के साथ लोगों को विकल्प उपलब्ध कराना और नियमित रूप से जागरूक करना भी जरूरी है। पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद आसानी से और उचित कीमत पर उपलब्ध होंगे तो दुकानदारों के लिए प्लास्टिक छोड़ना आसान होगा।

सिंगल-यूज प्लास्टिक शहर की सफाई व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। इस्तेमाल के बाद फेंकी गई थैलियां और डिस्पोजेबल वस्तुएं नालियों में फंस जाती हैं। इससे पानी की निकासी बाधित होती है और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। प्लास्टिक कचरा नदियों, झीलों और अन्य जल स्रोतों में पहुंचकर प्रदूषण फैलाता है।

खुले स्थानों पर फेंका गया प्लास्टिक कचरा पशुओं के लिए भी खतरनाक होता है। भोजन की तलाश में घूमने वाले पशु कई बार प्लास्टिक निगल लेते हैं, जिससे वे गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं। प्लास्टिक को खुले में जलाने से जहरीला धुआं निकलता है, जो वायु प्रदूषण के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विभाग के लिए पतली प्लास्टिक की वस्तुओं को सामान्य कचरे से अलग करना कठिन होता है। ये वस्तुएं हल्की होने के कारण हवा और पानी के साथ दूर तक फैल जाती हैं। इससे सफाई पर खर्च बढ़ता है और कचरा प्रसंस्करण की पूरी व्यवस्था प्रभावित होती है। प्रतिबंधित सामग्री को स्रोत पर ही रोकना इस समस्या का अधिक प्रभावी समाधान माना जाता है।

नगर निगम की कार्रवाई का असर तभी लंबे समय तक बना रहेगा, जब निरीक्षण अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं। एक दिन की कार्रवाई के बाद यदि निगरानी कमजोर हो जाती है तो कारोबारियों द्वारा फिर से प्लास्टिक का इस्तेमाल शुरू किए जाने की आशंका रहती है। इसके लिए वार्ड स्तर पर कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करना और बार-बार उल्लंघन करने वालों का रिकॉर्ड रखना उपयोगी होगा।

कारोबारियों की भी जिम्मेदारी है कि वे ग्राहकों को प्रतिबंधित प्लास्टिक उपलब्ध न कराएं। ग्राहकों को कपड़े या जूट का थैला साथ लाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। खाने-पीने का सामान बेचने वाले प्रतिष्ठान पुनः इस्तेमाल योग्य बर्तन या स्वीकृत पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद अपना सकते हैं। इससे प्लास्टिक कचरे में धीरे-धीरे कमी लाई जा सकती है।

ग्राहकों की भागीदारी के बिना सिंगल-यूज प्लास्टिक पर रोक को पूरी तरह प्रभावी बनाना कठिन है। कई बार ग्राहक स्वयं दुकानदार से प्लास्टिक की थैली मांगते हैं। यदि लोग खरीदारी के समय अपना थैला साथ रखें और प्रतिबंधित डिस्पोजेबल उत्पाद लेने से मना करें तो बाजार में इनकी मांग घट सकती है।

अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कार्रवाई में छोटे और बड़े सभी कारोबारियों पर समान नियम लागू हों। केवल फुटपाथ विक्रेताओं या छोटे दुकानदारों पर जुर्माना लगाकर बड़े आपूर्तिकर्ताओं को छोड़ देने से अभियान के उद्देश्य पूरे नहीं होंगे। प्रतिबंधित प्लास्टिक की आपूर्ति करने वाले गोदामों और वितरण केंद्रों पर भी निगरानी जरूरी है।

शुक्रवार को चलाए गए संयुक्त अभियान में 75 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच, 99 किलोग्राम सामग्री की जब्ती और 79 हजार रुपये का जुर्माना नगर निगम की सख्ती का संकेत है। अधिकारियों के अनुसार पर्यावरण नियमों का पालन कराने के लिए आगे भी इस तरह के निरीक्षण जारी रखे जा सकते हैं। बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार अधिक कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।

नगर निगम ने कारोबारियों और नागरिकों से प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि स्वच्छ शहर और सुरक्षित पर्यावरण के लिए केवल सरकारी अभियान पर्याप्त नहीं हैं। दुकानदारों, ग्राहकों और उत्पाद आपूर्तिकर्ताओं को मिलकर पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने होंगे। शुक्रवार की कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि प्रतिबंध के बावजूद सिंगल-यूज प्लास्टिक बेचने या इस्तेमाल करने वालों पर आर्थिक दंड और सामान जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

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