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BARC सेंटर की उपलब्धि: हापुस आम का अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया में निर्यात

Kavita2
5 May 2026 5:36 PM IST
BARC सेंटर की उपलब्धि: हापुस आम का अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया में निर्यात
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Maharashtra महाराष्ट्र: नासिक जिले के लासलगांव में स्थित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) के किसान रेडिएशन सेंटर ने इस सीजन में आम निर्यात के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता के साथ भारतीय आमों की वैश्विक बाजार में मजबूत उपस्थिति और बढ़ गई है।

इस सीजन में प्रीमियम हापुस आम को पहले सफलतापूर्वक अमेरिका के न्यूयॉर्क बाजार में भेजा गया, जिसके बाद अब ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया जैसे देशों में भी इसका सीधा निर्यात शुरू हो गया है। यह उपलब्धि भारतीय कृषि निर्यात के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस सीजन में अब तक लगभग 320 मीट्रिक टन आमों की रेडिएशन प्रोसेसिंग BARC किसान रेडिएशन सेंटर में पूरी की जा चुकी है। रेडिएशन प्रक्रिया का उपयोग आमों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुरक्षित निर्यात सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।

इनमें से 309 मीट्रिक टन आम अमेरिका भेजे गए हैं, जबकि 6 मीट्रिक टन ऑस्ट्रेलिया और 3 मीट्रिक टन मलेशिया को निर्यात किए गए हैं। यह दर्शाता है कि भारतीय आमों की मांग वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है।

प्रोजेक्ट ऑफिसर संजय अहेर के अनुसार, इस सीजन में अब तक हापुस और केसर किस्म के लगभग 88,000 बॉक्स प्रोसेस कर निर्यात किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि रेडिएशन तकनीक की मदद से आमों की गुणवत्ता और ताजगी को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है, जिससे उन्हें दूर देशों तक सुरक्षित रूप से भेजा जा सके।

लासलगांव स्थित यह सेंटर किसानों और निर्यातकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र के रूप में काम कर रहा है, जहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीकी सुविधाएं भारतीय कृषि निर्यात को नई दिशा दे रही हैं और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद कर रही हैं। विशेष रूप से हापुस आम, जिसे “आमों का राजा” कहा जाता है, की वैश्विक बाजार में बढ़ती मांग भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

इस उपलब्धि के साथ भारत ने एक बार फिर यह साबित किया है कि तकनीक और कृषि का सही संयोजन अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकता है।

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