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महाराष्ट्र के सुमित भारस्कर ने जूनियर एशियन रेसलिंग में जीता गोल्ड, भारत का नाम किया रोशन

Kavita2
6 July 2026 3:59 PM IST
महाराष्ट्र के सुमित भारस्कर ने जूनियर एशियन रेसलिंग में जीता गोल्ड, भारत का नाम किया रोशन
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Maharashtra महाराष्ट्र: बीड जिला के युवा पहलवान सुमित अप्पासाहेब भारस्कर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारत और महाराष्ट्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने थाईलैंड के पटाया में आयोजित यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) जूनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में पुरुषों की 70 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कैटेगरी में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीता।

यह प्रतियोगिता यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें एशिया के कई देशों के शीर्ष युवा पहलवानों ने हिस्सा लिया। अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में सुमित भारस्कर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

उनकी इस जीत को महाराष्ट्र की कुश्ती परंपरा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर गोल्ड मेडल जीतना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी।

प्रतियोगिता में सुमित का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा लेकिन उन्होंने हर मुकाबले में बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। शुरुआती राउंड में उनका सामना किर्गिस्तान के मजबूत पहलवान से हुआ, जिसमें उन्होंने 9-7 से जीत दर्ज की।

इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने अपने प्रदर्शन को और मजबूत करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल मुकाबला तुर्की के एक मजबूत पहलवान के खिलाफ बेहद रोमांचक रहा, जिसमें सुमित ने 1-0 के करीबी अंतर से जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया।

फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने अपने दमदार खेल और रणनीति के दम पर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन ने यह साबित किया कि वे भविष्य में अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में एक बड़ा नाम बन सकते हैं।

जूनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में उनकी इस उपलब्धि के बाद भारत के खेल प्रेमियों और कुश्ती जगत में खुशी की लहर है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।

कोच और खेल विशेषज्ञों का मानना है कि सुमित भारस्कर में तकनीकी क्षमता के साथ-साथ मानसिक मजबूती भी है, जो उन्हें बड़े मंचों पर सफल बनाती है। यह जीत उनके करियर के लिए एक मजबूत शुरुआत मानी जा रही है।

महाराष्ट्र के खेल विभाग और स्थानीय खेल संगठनों ने भी उनकी इस उपलब्धि की सराहना की है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए यह एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि सही प्रशिक्षण और मेहनत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है।

इस उपलब्धि के साथ सुमित भारस्कर ने न केवल अपने जिले बीड जिला का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनकी यह जीत भारतीय कुश्ती के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

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