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Maharashtra : प्राइवेट बसों पर सख्ती, अवैध ऐप्स और मनमाने किराए पर कार्रवाई के आदेश

Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में निजी यात्री परिवहन व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उन प्राइवेट बस ऑपरेटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें जो मनमाने ढंग से किराया बढ़ा रहे हैं और यात्रियों का शोषण कर रहे हैं। इसके साथ ही बिना अनुमति चल रहे पैसेंजर बुकिंग मोबाइल ऐप्स पर भी सख्ती से कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
परिवहन मंत्रालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि राज्य सरकार निजी यात्री परिवहन सेवाओं में अनियमितताओं और गैर-कानूनी गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों से अधिक किराया वसूलना और बिना नियमों के ऐप्स के माध्यम से बुकिंग कराना कानून का उल्लंघन है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी निजी बस ऑपरेटरों की पहचान की जाए जो निर्धारित किराया ढांचे का पालन नहीं कर रहे हैं और अपनी मनमर्जी से किराया बढ़ाकर यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सस्ती और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इसके साथ ही, उन्होंने उन मोबाइल एप्लिकेशनों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए जो बिना सरकारी अनुमति के यात्रियों की बुकिंग और किराया वसूली का काम कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि ऐसे ऐप्स न केवल नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए भी खतरा बन रहे हैं।
सरनाइक ने अधिकारियों से कहा कि इस पूरे मामले में एक व्यापक निगरानी प्रणाली तैयार की जाए, जिससे निजी बस सेवाओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कई क्षेत्रों में निजी बस ऑपरेटर यात्रियों से अधिक किराया वसूल रहे हैं, खासकर त्योहारों और भीड़भाड़ वाले समय में। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे सभी मामलों की जांच करें और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, अवैध ऐप्स के संचालन पर तकनीकी निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य एक पारदर्शी और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था स्थापित करना है, जहां यात्रियों को उचित किराए पर बेहतर सेवा मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस फैसले के बाद परिवहन विभाग सक्रिय हो गया है और जल्द ही राज्य भर में विशेष अभियान चलाकर अनियमितताओं की जांच की जाएगी।





