महाराष्ट्र

महाराष्ट्र-स्टारलिंक साझेदारी: दूरदराज़ इलाकों में पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट

SHIDDHANT
5 Nov 2025 10:02 PM IST
महाराष्ट्र-स्टारलिंक साझेदारी: दूरदराज़ इलाकों में पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट
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Maharashtra महाराष्ट्र: डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक आशय पत्र (एलओआई) पर हस्ताक्षर किए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री आशीष शेलार की मौजूदगी में हुए इस करार के साथ, महाराष्ट्र स्टारलिंक के साथ साझेदारी करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। इस समझौते का उद्देश्य राज्य के दूरदराज़ और वंचित जिलों — गढ़चिरौली, नंदुरबार, धाराशिव और वाशिम — में सरकारी संस्थानों, ग्रामीण समुदायों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे डिजिटल इंडिया मिशन के तहत गांव-गांव तक तेज़ और स्थायी इंटरनेट पहुंचाने का रास्ता खुलेगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि, “स्टारलिंक की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रेयर का मुंबई में स्वागत करना गर्व की बात है। महाराष्ट्र सरकार ने उनके साथ औपचारिक साझेदारी कर डिजिटल कनेक्टिविटी के नए युग की शुरुआत की है। फडणवीस ने कहा कि यह पहल “भविष्य के लिए तैयार महाराष्ट्र” की दिशा में एक बड़ी छलांग है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि स्टारलिंक की सेवाएं राज्य के दुर्गम इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक और आपातकालीन सेवाओं को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ेंगी।
स्टारलिंक, जो एलन मस्क की स्पेसएक्स कंपनी का एक हिस्सा है, दुनिया की सबसे बड़ी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी है। इसके पास हजारों संचार उपग्रहों का नेटवर्क है जो पृथ्वी के विभिन्न हिस्सों में हाई-स्पीड इंटरनेट मुहैया कराते हैं। यह साझेदारी राज्य सरकार के हाल ही में घोषित “विजन महाराष्ट्र 2047” कार्यक्रम से भी जुड़ी है। इस विजन के तहत महाराष्ट्र ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाने का संकल्प लिया है। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था वर्तमान 530 अरब डॉलर से बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाई जाए। सरकार के अनुसार, यह समझौता न केवल तकनीकी सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, बल्कि ग्रामीण महाराष्ट्र को डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी नया युग शुरू करेगा।
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