महाराष्ट्र

'गूंगी गुड़िया' बयान पर महाराष्ट्र में सियासी तूफान, कांग्रेस घिरी

Ratna Netam
4 Aug 2026 7:20 PM IST
गूंगी गुड़िया बयान पर महाराष्ट्र में सियासी तूफान, कांग्रेस घिरी
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मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस की ओर से राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर की गई सोशल मीडिया टिप्पणी ने सियासी माहौल गर्मा दिया है। कांग्रेस द्वारा उन्हें "गूंगी गुड़िया" कहे जाने के बाद सत्तारूढ़ महायुति के नेताओं ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कार्यकर्ताओं ने मुंबई स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर बिना शर्त माफी की मांग की, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस पर राजनीति का स्तर गिराने का आरोप लगाया।
पूरा विवाद महाराष्ट्र कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ। कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए सवाल किया कि आखिर सुनेत्रा पवार कब तक "गूंगी गुड़िया" बनी रहेंगी। पोस्ट का उद्देश्य उपमुख्यमंत्री की सार्वजनिक चुप्पी और राजनीतिक भूमिका पर सवाल उठाना था, लेकिन इस टिप्पणी को लेकर महायुति के नेताओं ने इसे व्यक्तिगत और अपमानजनक हमला करार दिया।
गौरतलब है कि एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद जनवरी 2026 में सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बनाया गया और वे राज्य के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला बनीं। ऐसे में उनके खिलाफ की गई टिप्पणी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली।
मुंबई में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए एनसीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी महिला नेता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष जनता का विश्वास खो चुका है और अब केवल सुर्खियां बटोरने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में पहले कभी इस स्तर की भाषा का इस्तेमाल नहीं हुआ। फडणवीस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास जनता के मुद्दों पर बात करने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए वह व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा ले रही है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल सुनेत्रा पवार का नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि एक महिला जनप्रतिनिधि के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण है और कांग्रेस को तत्काल बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। शिंदे ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान और महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।
इस विवाद में विपक्षी खेमे से भी अलग प्रतिक्रिया सामने आई। एनसीपी (शरद चंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि "गूंगी गुड़िया" शब्द को केवल अपमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी उनके राजनीतिक विरोधियों ने कभी इसी नाम से संबोधित किया था। रोहित पवार ने कहा कि इतिहास गवाह है कि तमाम आलोचनाओं के बावजूद इंदिरा गांधी देश की सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हुईं। उनके अनुसार राजनीतिक उपनाम किसी नेता की क्षमता या भविष्य का निर्धारण नहीं करते।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई औपचारिक माफी नहीं दी गई है। पार्टी का कहना है कि उसकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी का व्यक्तिगत अपमान करना नहीं, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही का सवाल उठाना था। वहीं, महायुति के नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी स्थानीय निकाय और अन्य चुनावों से पहले इस तरह के बयान और उन पर होने वाली प्रतिक्रियाएं महाराष्ट्र की राजनीति में माहौल को और अधिक गर्म कर सकती हैं। फिलहाल यह विवाद केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़कों और राजनीतिक मंचों तक पहुंच चुका है, जिससे आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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