महाराष्ट्र

Maharashtra: H5N1 बर्ड फ्लू फैलने से पोल्ट्री उद्योग प्रभावित

Ratna Netam
7 May 2026 6:58 PM IST
Maharashtra: H5N1 बर्ड फ्लू फैलने से पोल्ट्री उद्योग प्रभावित
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Maharashtra.महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नवापुर जिले में H5N1 बर्ड फ्लू का प्रकोप सामने आया है, जिससे क्षेत्र के पोल्ट्री उद्योग में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग ने इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर पोल्ट्री कारोबार और मुर्गी पालन से जुड़ी गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी है। प्रारंभिक जांच में स्थानीय खेतों और पोल्ट्री फार्मों में मृत पक्षियों के नमूनों में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है। विभाग ने बताया कि वायरस फैलने की संभावना को देखते हुए संपूर्ण क्षेत्र में कड़े नियंत्रण उपाय लागू किए गए हैं, जिनमें संक्रामक पक्षियों को नष्ट करना और संभावित संपर्क में आए सभी पक्षियों की निगरानी शामिल है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने ग्रामीणों और पोल्ट्री कारोबारियों से अपील की है कि वे पक्षियों के संपर्क में आने से बचें और मृत पक्षियों को तत्काल रिपोर्ट करें। साथ ही, संक्रमित क्षेत्र में सभी पक्षियों की बिक्री और परिवहन पर पूर्ण रोक लगा दी गई है।
पशुपालन विभाग ने कहा कि वायरस मानव स्वास्थ्य के लिए भी जोखिमपूर्ण हो सकता है, इसलिए सभी स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और उचित सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि वायरस फैलने की गति को कम करने के लिए तत्काल रोकथाम के कदम उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय पोल्ट्री उद्योग को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि बाजार में पोल्ट्री उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होगी। व्यापारी और किसान डर रहे हैं कि इस प्रकोप के कारण आर्थिक संकट और रोजगार प्रभावित हो सकता है। विभाग ने सुनिश्चित किया है कि सुरक्षित और स्वास्थ्य-मानक उपायों के तहत ही पोल्ट्री फार्मों को दोबारा खोलने की अनुमति दी जाएगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से आग्रह किया कि वे कच्चे पोल्ट्री उत्पादों को अच्छे से पकाकर ही खाएं और पक्षियों से सीधे संपर्क से बचें। H5N1 वायरस बहुत संक्रामक होता है और यदि समय रहते नियंत्रित न किया गया तो यह व्यापक महामारी का रूप ले सकता है।
नवापुर जिला प्रशासन ने आपातकालीन बैठक बुलाकर सभी सरकारी और गैर-सरकारी एजेंसियों को सतर्क रहने और संक्रमित क्षेत्रों में तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सैनिटाइजेशन, निगरानी और लोगों को जागरूक करने वाले अभियान तुरंत शुरू किए जाएंगे।
जैव सुरक्षा उपायों और रोकथाम के लिए ड्रोन सर्विलांस और मोबाइल टीमों का उपयोग भी किया जा रहा है ताकि सभी संभावित संक्रमित स्थानों का पता लगाया जा सके। वहीं, पोल्ट्री संघों ने सरकार से अपील की है कि उन्हें आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए, जिससे किसान और व्यापारी इस संकट से उबर सकें।
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