महाराष्ट्र

Maharashtra : मैरीटाइम बोर्ड ने मुंबई वाटर मेट्रो फेज-1 के लिए कंसल्टेंट बुलाए टेंडर

Kavita2
23 April 2026 10:51 AM IST
Maharashtra : मैरीटाइम बोर्ड ने मुंबई वाटर मेट्रो फेज-1 के लिए कंसल्टेंट बुलाए टेंडर
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Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में जल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड ने मुंबई वॉटर मेट्रो फेज-1 प्रोजेक्ट के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट (PMC) की नियुक्ति हेतु बोलियां आमंत्रित की हैं। यह पहल शहर में समुद्री और जल आधारित सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Maharashtra Maritime Board ने इस परियोजना के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) 17 अप्रैल को जारी किया था। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य मुंबई में जल परिवहन को आधुनिक और प्रभावी बनाना है, जिससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।

मुंबई वॉटर मेट्रो परियोजना को तीन चरणों में लागू करने की योजना है। इसके पहले चरण (फेज-1) को वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस चरण में लगभग 1,621 करोड़ रुपये की सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर लागत अनुमानित की गई है। यह परियोजना शहर के यातायात दबाव को कम करने और वैकल्पिक परिवहन साधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम प्रयास है।

फेज-1 के तहत कुल 16 रूट विकसित किए जाएंगे, जिनमें 8 मौजूदा और 8 नए कॉरिडोर शामिल होंगे। इसके साथ ही नेविगेशन और आपातकालीन सेवाओं के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा। इस चरण में कुल 26 यात्री टर्मिनलों का विकास और उन्नयन शामिल है।

इन 26 टर्मिनलों में से गेटवे ऑफ इंडिया, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) और नरीमन पॉइंट जैसे प्रमुख स्थान पहले से ही अलग-अलग एजेंसियों द्वारा विकसित किए जा रहे हैं, इसलिए इन्हें इस परियोजना के मुख्य दायरे से बाहर रखा गया है। हालांकि, चयनित कंसल्टेंट को इन सभी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करना होगा ताकि पूरे नेटवर्क का सुचारू एकीकरण सुनिश्चित किया जा सके।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मुंबई के मौजूदा जल परिवहन सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाना और उसकी पहुंच को व्यापक करना है। योजना के तहत 20 मौजूदा टर्मिनलों को अपग्रेड किया जाएगा और नए रूटों के साथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त टर्मिनल विकसित किए जाएंगे।

यह परियोजना मुंबई महानगर क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के साथ-साथ सड़क यातायात पर दबाव कम करने में भी मदद करेगी। विशेष रूप से पश्चिमी उपनगर, ठाणे क्रीक, नवी मुंबई और दक्षिण मुंबई जैसे क्षेत्रों को इससे सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, नवी मुंबई में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जल मार्ग से पहुंच को भी बेहतर बनाने की योजना है, जिससे यात्रियों को एक वैकल्पिक और तेज परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

राज्य सरकार का मानना है कि यह परियोजना मुंबई के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक नया आयाम जोड़ेगी और भविष्य में जल आधारित परिवहन को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करेगी।

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