महाराष्ट्र

Maharashtra : लेबर मिनिस्टर आकाश फुंडकर ने टाटा पावर थर्मल प्लांट का किया निरीक्षण

Kavita2
3 July 2026 9:37 AM IST
Maharashtra : लेबर मिनिस्टर आकाश फुंडकर ने टाटा पावर थर्मल प्लांट का किया निरीक्षण
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Maharashtra महाराष्ट्र: लेबर मिनिस्टर एडवोकेट आकाश फुंडकर ने गुरुवार को औद्योगिक सुरक्षा मानकों की समीक्षा और प्लांट के बॉयलर ऑपरेशन्स के निरीक्षण के उद्देश्य से चेंबूर के माहुल रोड स्थित टाटा पावर के थर्मल पावर जेनरेशन स्टेशन का दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी संचालन और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति का विस्तृत आकलन करना था।

इस दौरे के दौरान मंत्री ने प्लांट में अपनाई जा रही सुरक्षा प्रक्रियाओं और तकनीकी संचालन की बारीकियों को समझा। उन्होंने यह भी देखा कि बिजली उत्पादन इकाई में किस तरह से दैनिक संचालन किया जाता है और सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान उच्च स्तरीय प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही। इनमें डिप्टी सेक्रेटरी दीपक पोकाले, बॉयलर डायरेक्टर धवल अंतालुरकर और विभाग के अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। सभी अधिकारियों ने मिलकर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रक्रिया का संयुक्त रूप से मूल्यांकन किया।

मौके पर टाटा पावर के ट्रॉम्बे स्टेशन हेड आशीष भट ने मंत्री को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्लांट के दैनिक संचालन, उत्पादन प्रक्रिया और तकनीकी चुनौतियों के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि प्लांट में सुरक्षित और कुशल बिजली उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए कौन-कौन से आधुनिक और उन्नत सिस्टम अपनाए गए हैं।

आशीष भट ने बताया कि थर्मल पावर स्टेशन में लगातार सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है और तकनीकी अपग्रेडेशन के जरिए उत्पादन क्षमता और सुरक्षा दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्लांट संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जोखिम को कम करने के लिए नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू है।

लेबर मिनिस्टर आकाश फुंडकर ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, खासकर उन प्लांट्स में जहां भारी मशीनरी और उच्च तापमान पर काम होता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा उपायों की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को तुरंत दूर किया जाए।

निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि प्लांट में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्या व्यवस्थाएं मौजूद हैं। फायर सेफ्टी सिस्टम, तकनीकी अलार्म सिस्टम और कर्मचारियों की ट्रेनिंग प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों को नियमित रूप से सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

मंत्री ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि औद्योगिक सुरक्षा केवल नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें तकनीकी सुधार और मानव संसाधन दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि सुरक्षा ऑडिट को और अधिक प्रभावी बनाया जाए और नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जाए।

इस दौरे के दौरान औद्योगिक सुरक्षा, उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने मंत्री को आश्वासन दिया कि सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जा रहा है और भविष्य में इसे और बेहतर बनाया जाएगा।

कुल मिलाकर, महाराष्ट्र के टाटा पावर थर्मल पावर स्टेशन का यह निरीक्षण औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और तकनीकी सुधारों को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल प्लांट की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन हुआ, बल्कि भविष्य में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

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