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महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई, 73 लाख की नकली और भ्रामक आयुर्वेदिक दवाएं जब्त

Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने गुमराह करने वाले हेल्थ प्रोडक्ट्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। राज्यभर में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में गलत ब्रांड वाली आयुर्वेदिक दवाएं और आपत्तिजनक विज्ञापन जब्त किए गए हैं।
FDA अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई सात जिलों में की गई, जहां 12 आयुर्वेदिक दवा बिक्री केंद्रों पर एक साथ निरीक्षण किया गया। इस छापेमारी अभियान का उद्देश्य उन मामलों पर लगाम लगाना था, जिनमें उपभोक्ताओं को गलत जानकारी देकर दवाओं की बिक्री की जा रही थी।
अभियान के दौरान कुल 73,24,656 रुपये मूल्य की दवाओं का स्टॉक जब्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई दवाएं गलत ब्रांडिंग और भ्रामक दावों के साथ बाजार में बेची जा रही थीं, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य और विश्वास पर असर पड़ सकता था।
राज्यभरात ७ जिल्ह्यातील १२ आयुर्वेदिक #औषधविक्री आस्थापनामध्ये धडक कारवाई करून ७३ लाख २४ हजार ६५६ रुपये किमतीचा साठा जप्त करण्यात आला आहे. राज्यभरात आक्षेपार्ह जाहिराती असलेला व मिसब्रँडेड #औषध साठा जप्त करून कायदेशीर कारवाई सुरू आहे.
— MAHARASHTRA DGIPR (@MahaDGIPR) May 29, 2026
जनतेच्या आरोग्याशी खेळ करणाऱ्या कोणत्याही… pic.twitter.com/RmfzjDUObV
FDA की ओर से यह भी बताया गया कि कुछ जगहों पर दवाओं के विज्ञापन भी नियमों के खिलाफ पाए गए, जिनमें उपचार और प्रभाव को लेकर भ्रामक दावे किए गए थे। इन आपत्तिजनक विज्ञापनों के आधार पर भी संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के अभियान का मकसद उपभोक्ताओं को सुरक्षित और प्रमाणित दवाएं उपलब्ध कराना है, साथ ही बाजार में अवैध और गलत ब्रांडिंग वाले उत्पादों पर नियंत्रण रखना है।
FDA ने स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी भी प्रकार की गलत ब्रांडिंग, नकली दवा बिक्री या भ्रामक विज्ञापन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि दवा बाजार में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आयुर्वेदिक और अन्य हेल्थ प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग के बीच इस तरह की कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि लोगों को सुरक्षित और प्रमाणित उत्पाद ही उपलब्ध हो सकें।
फिलहाल FDA की इस कार्रवाई के बाद संबंधित क्षेत्रों में दवा कारोबारियों के बीच हलचल देखी जा रही है, जबकि विभाग ने आगे भी सख्त निगरानी जारी रखने के संकेत दिए हैं।





