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महाराष्ट्र FDA का बड़ा खुलासा, 52 लाख का एक्सपायर फूड जब्त

Kavita2
29 Jun 2026 10:58 AM IST
महाराष्ट्र FDA का बड़ा खुलासा, 52 लाख का एक्सपायर फूड जब्त
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Maharashtra महाराष्ट्र: फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो कथित तौर पर खराब और एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पादों को दोबारा कमर्शियल मार्केट में खपाने का काम कर रहा था। इस कार्रवाई में अधिकारियों ने ठाणे जिले के भिवंडी शहर में छापेमारी कर 52 लाख रुपये से अधिक मूल्य का अवैध खाद्य स्टॉक जब्त किया है।

एक अधिकारी के अनुसार यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसमें कई स्तरों पर गड़बड़ी सामने आई है। सोमवार को की गई इस कार्रवाई में कई दुकानों और गोदामों की जांच की गई, जहां बड़ी मात्रा में एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पादों को छिपाकर रखा गया था।

FDA के बयान के अनुसार, इस रैकेट का संचालन केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि यह एक अंतरराज्यीय नेटवर्क की तरह काम कर रहा था, जिसमें कई राज्यों से माल की आवाजाही की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि बड़ी ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के माध्यम से इस तरह के सामान को ‘डिस्पोजल’ के नाम पर सिस्टम से बाहर दिखाया जाता था।

अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे खेल का सबसे चिंताजनक हिस्सा यह था कि स्क्रैप एजेंसियों को बिना उचित अनुमति के काम पर रखा जाता था। ये एजेंसियां कथित तौर पर नकली डिस्पोजल सर्टिफिकेट तैयार करती थीं, जिससे यह दिखाया जाता था कि एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पादों को नष्ट कर दिया गया है, जबकि वास्तव में उन्हें बाजार में दोबारा भेजा जा रहा था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, एक्सपायर प्रोडक्ट्स को नष्ट करने के बजाय उन्हें चुपके से ऐसे गोदामों में स्थानांतरित किया जाता था, जो किसी भी तरह के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन या निगरानी के दायरे में नहीं आते थे। इन अवैध गोदामों में इन उत्पादों को स्टोर कर बाद में कम कीमत पर बाजार में बेचा जाता था।

FDA अधिकारियों ने बताया कि भिवंडी में की गई छापेमारी के दौरान कई तरह के खाद्य पदार्थ मिले, जिनमें पैकेज्ड फूड, प्रोसेस्ड आइटम्स और अन्य उपभोक्ता वस्तुएं शामिल थीं। इनमें से कई उत्पाद एक्सपायर हो चुके थे या उनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी, लेकिन उन्हें नए पैकेजिंग और फर्जी दस्तावेजों के साथ दोबारा बिक्री के लिए तैयार किया जा रहा था।

इस कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। एक्सपायर और खराब खाद्य पदार्थों का सेवन गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, जिससे जनस्वास्थ्य पर बड़ा खतरा उत्पन्न होता है।

अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क की जांच अब और व्यापक स्तर पर की जाएगी। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसमें कौन-कौन से व्यापारी, एजेंसियां और कंपनियां शामिल हैं और यह नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।

FDA ने यह भी संकेत दिया है कि इस मामले में केवल गोदाम या दुकानदार ही नहीं, बल्कि उन बड़ी कंपनियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी, जिनके लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का उपयोग इस अवैध गतिविधि में किया गया।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट का संचालन बेहद संगठित तरीके से किया जा रहा था, जिसमें दस्तावेजों की हेराफेरी, फर्जी रिकॉर्ड और सिस्टम में जानबूझकर गड़बड़ी कर एक्सपायर सामान को ‘नष्ट’ दिखाया जाता था।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (फूड सप्लाई चेन) में गंभीर खामियों को उजागर करते हैं। यदि समय पर इस तरह की गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह उपभोक्ता सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

FDA ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत सख्त धाराएं लगाई जाएंगी। साथ ही जब्त किए गए सभी उत्पादों को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

फिलहाल इस कार्रवाई के बाद भिवंडी और आसपास के क्षेत्रों में खाद्य व्यापार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने सभी संबंधित व्यापारियों को नियमों का पालन करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचने की चेतावनी दी है।

यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में निगरानी और पारदर्शिता को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि उपभोक्ताओं तक केवल सुरक्षित और गुणवत्ता युक्त उत्पाद ही पहुंच सकें।

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