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Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के कई जिलों में डीज़ल की कमी को लेकर बढ़ती चिंता के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को प्याज किसानों को राहत देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और उनकी मांगों पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि सरकार ने प्याज की खरीद कीमत बढ़ाकर 15 रुपये प्रति यूनिट कर दी है। इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बाजार में उतार-चढ़ाव के असर को कम करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि डीज़ल की उपलब्धता और आपूर्ति को लेकर कुछ जिलों में जो स्थिति बनी है, उस पर राज्य सरकार लगातार निगरानी रख रही है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि आपूर्ति व्यवस्था को जल्द सामान्य किया जाए ताकि कृषि और परिवहन कार्य प्रभावित न हों।
Mumbai, Maharashtra: CM Devendra Fadnavis says, "The Central government has increased the onion procurement price by ₹3.50 to ₹15... We requested a meeting with the Central government regarding onions, and the state government is in touch with the Centre on the issue... Some… pic.twitter.com/N7jWTZq87O
— IANS (@ians_india) May 26, 2026
फडणवीस ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि ईंधन और कृषि उत्पादों से जुड़ी समस्याओं पर दोनों स्तरों पर बातचीत चल रही है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सरकार के इस फैसले को प्याज उत्पादक किसानों के लिए एक राहत कदम माना जा रहा है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां उत्पादन अधिक है और बाजार में कीमतों में गिरावट से किसान प्रभावित हो रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों के हितों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में कृषि उत्पादों के लिए और बेहतर समर्थन व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इस बीच, प्रशासन ने डीज़ल सप्लाई से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ा दिया है ताकि आपूर्ति श्रृंखला में किसी तरह की बाधा न आए।
सरकार के इस फैसले के बाद किसानों में उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार होगा और उन्हें अपनी फसलों का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।





