महाराष्ट्र

Maharashtra : महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर कांग्रेस की चिंता

Kavita2
7 May 2026 9:46 AM IST
Maharashtra : महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर कांग्रेस की चिंता
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Maharashtra महाराष्ट्र: मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को एक पत्र लिखकर राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने राज्यपाल से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप करने और लंबे समय से लंबित “शक्ति कानून” को तुरंत लागू करने की मांग की है।

अपने पत्र में वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि महाराष्ट्र में हाल के वर्षों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन हिंसा और अन्य आपराधिक घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने राज्य की उस छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिसमें महाराष्ट्र को महिलाओं के लिए सुरक्षित राज्य माना जाता था।

उन्होंने विशेष रूप से पुणे जिले के नसरपुर में एक नाबालिग के कथित रेप और हत्या के मामले का उल्लेख किया। इसके अलावा चाकन, बदलापुर और मुंबई के साकीनाका क्षेत्र में सामने आए ऐसे ही मामलों को भी उन्होंने चिंताजनक बताया। गायकवाड़ ने कहा कि ये घटनाएं केवल अलग-अलग मामले नहीं हैं, बल्कि राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एक गंभीर और चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती हैं।

गायकवाड़ ने अपने पत्र में कहा कि इस तरह की घटनाओं के लगातार सामने आने से आम जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने मांग की कि अपराधियों में कानून का डर पैदा करने और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सख्त और प्रभावी कदम उठाए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि “शक्ति कानून” को लागू करना समय की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके। उनके अनुसार, यह कानून महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, लेकिन इसके लागू न होने से स्थिति गंभीर होती जा रही है।

कांग्रेस नेता ने राज्यपाल से अपील की कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दें, ताकि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है, क्योंकि विपक्ष लगातार राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठा रहा है। वहीं, सरकार की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कुल मिलाकर, महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर राजनीतिक दबाव बढ़ता जा रहा है और “शक्ति कानून” को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

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