महाराष्ट्र

Maharashtra : केंद्रीय विद्यालयों के लिए सरकारी जमीन मुफ्त देने को मंजूरी

Kavita2
30 April 2026 10:19 AM IST
Maharashtra : केंद्रीय विद्यालयों के लिए सरकारी जमीन मुफ्त देने को मंजूरी
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Maharashtra महाराष्ट्र: देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लेते हुए पूरे राज्य में केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) स्थापित करने के लिए सरकारी जमीन मुफ्त में उपलब्ध कराने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का उद्देश्य राज्य में केंद्रीय शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

यह निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिसमें राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रस्ताव के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय संगठन को जमीन “क्लास-II ऑक्यूपेंसी” के आधार पर दी जाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए कोई प्रीमियम या राजस्व शुल्क नहीं लिया जाएगा, जिससे यह पूरी तरह से मुफ्त हस्तांतरण होगा।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस नीति का उद्देश्य शिक्षा संस्थानों के विस्तार में तेजी लाना और ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालयों की पहुंच बढ़ाना है। इससे उन क्षेत्रों के छात्रों को भी केंद्रीय स्तर की शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी जहां अभी तक ऐसे संस्थान नहीं हैं।

इस योजना के तहत रत्नागिरी जिले के नाचने क्षेत्र में एक नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए लगभग छह एकड़ सरकारी भूमि आवंटित की गई है। यह भूमि सरकार के स्वामित्व वाले बड़े भूखंड से अलग कर दी गई है और इसे बिना किसी ऑक्यूपेंसी लागत के केंद्रीय विद्यालय संगठन को दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना से न केवल शिक्षा का स्तर बेहतर होगा, बल्कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों के बच्चों को भी समान अवसर मिलेंगे।

सरकार का मानना है कि इस पहल से शिक्षा के क्षेत्र में समानता बढ़ेगी और छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रणाली से जुड़ने का बेहतर अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

बैठक में यह भी कहा गया कि भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाएगा, ताकि केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना में किसी प्रकार की देरी न हो। संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे जल्द से जल्द आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करें।

इस निर्णय को राज्य में शिक्षा सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में महाराष्ट्र में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है और हजारों छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

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