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Maharashtra : आकाश मोरे होंगे कांग्रेस कैंडिडेट, सुनेत्रा पवार से होगा टक्कर

Maharashtra महाराष्ट्र: कांग्रेस ने आगामी बारामती असेंबली उपचुनाव के लिए आकाश मोरे को अपने आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में घोषित किया है। इस फैसले के साथ ही मोरे का मुकाबला सीधे सुनेत्रा पवार से होगा। कांग्रेस के इस कदम से चुनाव को बिना किसी मुकाबले के कराने की कोशिशें विफल हो गई हैं और राजनीतिक गलियारे में हलचल बढ़ गई है।
सूत्रों के अनुसार, आकाश मोरे सोमवार को अपना नॉमिनेशन फाइल कर सकते हैं। कांग्रेस ने इस कदम को स्ट्रैटेजिक माना है और माना जा रहा है कि पार्टी इस सीट पर “धनगर कार्ड” खेल रही है। पार्टी का उद्देश्य है कि उपचुनाव के दौरान स्थानीय मुद्दों को हाईलाइट किया जाए और लोकतंत्र के मूल्यों को बनाए रखा जाए।
आकाश मोरे ने अपनी घोषणा के बाद कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि ज़रूरी मुद्दों को जनता के सामने लाना है। मोरे ने बताया कि उनके कैंपेन का मुख्य मुद्दा पुलिस केस और अजित पवार से जुड़े कथित एक्सीडेंट की जांच की मांग होगी। उन्होंने कहा, “हम यह चुनाव ज़रूरी मुद्दों को उजागर करने के लिए लड़ रहे हैं। यदि सरकार मामले की जांच शुरू करती है और केस रजिस्टर होता है, तो हम अपने कैंडिडेट को वापस लेने पर विचार कर सकते हैं।”
इस डेवलपमेंट के बाद महा विकास अघाड़ी के अन्य हिस्सों, विशेषकर शरद पवार और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले ग्रुप्स, पर उपचुनाव में उनके स्टैंड और रणनीति को लेकर ध्यान गया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस की सक्रिय रणनीति और बारामती विधानसभा क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश मान रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस उपचुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक सियासत भी निर्णायक भूमिका निभाएगी। कांग्रेस का धनगर कार्ड खेलना और आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाना पार्टी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है ताकि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले क्षेत्र में संतुलन बनाया जा सके।
उपचुनाव के लिए विभिन्न पार्टियों की तैयारियाँ जारी हैं और चुनाव प्रचार धीरे-धीरे तेज हो रहा है। आकाश मोरे के नाम की घोषणा से क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियों में वृद्धि हुई है और जनता के बीच मुद्दों को लेकर चर्चा भी बढ़ी है। इस बार चुनाव में केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा ही नहीं, बल्कि स्थानीय मुद्दों और जनसंपर्क की ताकत भी निर्णायक होगी।
कांग्रेस का कहना है कि वे इस उपचुनाव के दौरान जनता के हित और पारदर्शिता को प्राथमिकता देंगे। पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उपचुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुसार और निष्पक्ष तरीके से हो।





