महाराष्ट्र

Maharashtra : अदिति मुदगुल ने अयोध्या से नेपाल तक 670 किमी दौड़ पूरी कर बनाया नया रिकॉर्ड

Kavita2
29 May 2026 12:14 PM IST
Maharashtra : अदिति मुदगुल ने अयोध्या से नेपाल तक 670 किमी दौड़ पूरी कर बनाया नया रिकॉर्ड
x

Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के निफाड़ तालुका के गोलेगांव की रहने वाली कुमारी अदिति संदीप मुदगुल ने अपने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय देते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अयोध्या से नेपाल तक 670 किलोमीटर की कठिन दौड़ पूरी कर न केवल महाराष्ट्र का नाम रोशन किया, बल्कि एक नया रिकॉर्ड भी स्थापित किया है।

अदिति ने अपनी यह चुनौतीपूर्ण यात्रा 5 मई को अयोध्या स्थित राम मंदिर से शुरू की। इस दौरान उन्हें भीषण गर्मी, शारीरिक थकावट, लगातार लंबी दूरी की दौड़ से उत्पन्न थकान और नेपाल के कठिन पहाड़ी क्षेत्रों जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन इन सभी मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से पीछे हटने के बजाय और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ना जारी रखा।

पूरे सफर में अदिति ने प्रतिदिन लगभग 80 से 95 किलोमीटर की दूरी तय की। उनकी यह असाधारण सहनशक्ति और अनुशासन इस उपलब्धि की सबसे बड़ी ताकत बनी। लगातार सात दिन और 15 घंटे तक बिना रुके किए गए इस सफर ने उनकी मानसिक और शारीरिक क्षमता को साबित किया।

अदिति ने यह ऐतिहासिक दौड़ 12 मई को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट पर नेपाल में पूरी की। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम किया, जो धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास का एक बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर उनकी इस उपलब्धि की व्यापक सराहना हो रही है। ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है। उनका कहना है कि अदिति की यह सफलता यह साबित करती है कि अगर मन में दृढ़ निश्चय हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

खेल विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की लंबी दूरी की दौड़ न केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा होती है, बल्कि यह मानसिक मजबूती और अनुशासन की भी बड़ी परीक्षा होती है। अदिति ने दोनों ही स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है, खासकर उन युवाओं के लिए जो खेल और धैर्य आधारित प्रतिस्पर्धाओं में आगे बढ़ना चाहते हैं।

कुल मिलाकर, अदिति संदीप मुदगुल की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह भारत की युवा प्रतिभा और जुझारूपन का भी प्रतीक बन गई है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है।

Next Story