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Maharashtra : मॉनसून से जुड़ी घटनाओं में अब तक 62 लोगों की मौत, 74 घायल

मुंबई: महाराष्ट्र में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय होने के बाद बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। बुधवार को मुंबई, पुणे और नासिक समेत कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, 1 जून से 8 जुलाई के बीच बारिश से संबंधित हादसों में 62 लोगों की जान गई, जबकि 74 लोग घायल हुए हैं। इस अवधि में करीब 200 जानवरों की भी मौत होने की जानकारी सामने आई है।
बारिश से जुड़े हादसों में बढ़ा नुकसान
मॉनसून की शुरुआत के बाद महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश, बाढ़, बिजली गिरने, पेड़ गिरने और अन्य प्राकृतिक घटनाओं के कारण नुकसान हुआ है।
SDMA के आंकड़ों के मुताबिक, बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान उन इलाकों में हुआ है जहां भूस्खलन, जलभराव और तेज हवाओं जैसी घटनाएं सामने आईं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
मुंबई-पुणे-नासिक में भारी बारिश
बुधवार को मुंबई, पुणे और नासिक क्षेत्रों में लगातार बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया और यातायात प्रभावित हुआ।
मुंबई में कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पुणे और नासिक के कुछ हिस्सों में भी बारिश का असर देखने को मिला।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए राज्य प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन, नगर निकाय और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
कई इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा
महाराष्ट्र के पहाड़ी और तटीय इलाकों में मॉनसून के दौरान भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ रहा है।
कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली गिरने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
राहत और बचाव अभियान जारी
बारिश प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन की ओर से राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF और SDRF) की टीमों को भी तैनात किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाना है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मॉनसून के दौरान अचानक तेज बारिश और जलभराव की स्थिति किसी भी समय गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
महाराष्ट्र में अभी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है और आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन ने सभी विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।





