महाराष्ट्र

खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन तीन होटलों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित

Kavita2
11 Sept 2026 1:38 PM IST
खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन तीन होटलों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित
x

पुणे: खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़े निर्धारित नियमों के उल्लंघन के आरोप में खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी एफडीए ने पुणे संभाग के तीन होटलों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी। विभाग के अनुसार तीनों प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई थी। निरीक्षण के नतीजों के आधार पर इनके लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए हैं।

कार्रवाई की जद में आए प्रतिष्ठानों में पुणे के कोरेगांव पार्क स्थित ‘सैराट बिरयानी’, सतारा जिले के मलकापुर का ‘होटल शाही’ और लोनावला स्थित ‘साबिर रेस्टोरेंट’ शामिल हैं। ये प्रतिष्ठान अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित हो रहे थे। एफडीए द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि जांच के दौरान तीनों स्थानों पर तय मानकों का उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद विभाग ने लाइसेंस निलंबित करने का निर्णय लिया।

एफडीए के मुताबिक, खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के साथ परिसर में उचित साफ-सफाई रखना अनिवार्य है। होटलों, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों के भंडारण, तैयारी, पकाने और ग्राहकों को परोसने तक प्रत्येक स्तर पर निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करना होता है। इनमें लापरवाही मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाया जा सकता है।

विभाग के निरीक्षण में सामने आई कमियों का विस्तृत विवरण फिलहाल सार्वजनिक बयान में नहीं दिया गया है। यह स्पष्ट नहीं किया गया कि तीनों प्रतिष्ठानों में अलग-अलग कौन-कौन से उल्लंघन पाए गए थे। हालांकि, एफडीए ने इतना जरूर बताया कि मामले खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के तय प्रावधानों के उल्लंघन से जुड़े हैं। विभागीय रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई तत्काल लागू कर दी गई।

लाइसेंस निलंबित होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खाद्य कारोबार पर रोक लागू हो सकती है। आगे का निर्णय विभागीय नियमों, निरीक्षण रिपोर्ट और प्रतिष्ठान प्रबंधन की ओर से उठाए गए सुधारात्मक कदमों के आधार पर होगा। संबंधित होटल संचालकों को कमियां दूर करने और नियमों का अनुपालन साबित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना पड़ सकता है।

खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में एफडीए की कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि ग्राहकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। होटल और रेस्टोरेंट में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग भोजन करते हैं। ऐसे में भोजन तैयार करने वाली जगहों की स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता और खाद्य पदार्थों का सही तापमान पर भंडारण बेहद जरूरी होता है।

यदि खाद्य सामग्री को अनुचित परिस्थितियों में रखा जाए तो उसके दूषित होने का खतरा बढ़ सकता है। इसी तरह रसोईघर, पानी, बर्तन, रेफ्रिजरेटर और खाद्य पदार्थ रखने वाले स्थानों की नियमित सफाई नहीं होने पर ग्राहकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस कारण खाद्य प्रतिष्ठानों को स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी मानकों के पालन की जिम्मेदारी दी गई है।

खाद्य कारोबार चलाने वाले प्रत्येक प्रतिष्ठान को वैध लाइसेंस या पंजीकरण रखना होता है। लाइसेंस मिलने के बाद भी प्रतिष्ठान को निर्धारित शर्तों का लगातार पालन करना जरूरी है। लाइसेंस का अर्थ यह नहीं है कि आगे निरीक्षण नहीं होगा। एफडीए समय-समय पर रसोई, भंडारण व्यवस्था, खाद्य सामग्री और परिसर की स्वच्छता की जांच कर सकता है।

कोरेगांव पार्क का ‘सैराट बिरयानी’ शहर के प्रमुख इलाके में संचालित हो रहा था। इसी तरह मलकापुर का ‘होटल शाही’ और पर्यटन स्थल लोनावला का ‘साबिर रेस्टोरेंट’ भी ग्राहकों को भोजन उपलब्ध करा रहे थे। तीन अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिष्ठानों पर एक साथ की गई कार्रवाई ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के बीच खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।

लोनावला में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटन क्षेत्रों के होटल और रेस्टोरेंट में छुट्टियों तथा सप्ताहांत के दौरान ग्राहकों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में अधिक मांग के बीच स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों को बनाए रखना संचालकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। व्यस्तता के नाम पर नियमों की अनदेखी ग्राहकों की सेहत के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।

विभाग की इस कार्रवाई को दूसरे खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए भी कड़ा संदेश माना जा रहा है। होटल संचालकों को रसोई की नियमित सफाई, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, कच्चे और पके भोजन को अलग रखने तथा खाद्य पदार्थों की समाप्ति तिथि की निगरानी जैसे जरूरी उपाय अपनाने होते हैं। सुरक्षित पेयजल और कीट नियंत्रण की व्यवस्था भी खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

खाद्य पदार्थों की खरीद के दौरान उनके स्रोत और गुणवत्ता की जांच करना भी आवश्यक है। प्रतिष्ठानों को ऐसे आपूर्तिकर्ताओं से ही सामग्री लेनी चाहिए जो तय मानकों का पालन करते हों। खरीदी गई सामग्री के बिल और अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखने से निरीक्षण के दौरान उसके स्रोत की पुष्टि की जा सकती है। नियमों के पालन से संचालक और ग्राहक दोनों का हित सुरक्षित रहता है।

ग्राहक भी होटल या रेस्टोरेंट में गंदगी, खराब भोजन या किसी संदिग्ध स्थिति की शिकायत संबंधित विभाग से कर सकते हैं। शिकायत मिलने पर विभाग निरीक्षण कर सकता है और खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे जा सकते हैं। यदि किसी प्रतिष्ठान में गंभीर उल्लंघन पाया जाता है तो लाइसेंस निलंबन सहित अन्य वैधानिक कदम उठाए जा सकते हैं।

एफडीए की कार्रवाई के बाद अब तीनों होटल प्रबंधनों को निरीक्षण में बताई गई कमियों को दूर करना होगा। यदि संचालक नियमों के अनुरूप सुधार करते हैं तो आगे की प्रक्रिया विभागीय प्रावधानों के अनुसार तय की जाएगी। लाइसेंस कब तक निलंबित रहेगा या किन शर्तों पर बहाल हो सकता है, इस बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

तीन होटलों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने से साफ है कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मामलों में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को संकेत दिया है कि ग्राहकों के स्वास्थ्य से जुड़े नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि कानूनी और सामाजिक जिम्मेदारी है। नियमित निरीक्षण और कड़ी निगरानी से भोजन की गुणवत्ता तथा उपभोक्ताओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

Next Story