महाराष्ट्र

गंदगी मिली तो रेस्टोरेंट का लाइसेंस सस्पेंड

Kavita2
23 Sept 2026 10:15 AM IST
गंदगी मिली तो रेस्टोरेंट का लाइसेंस सस्पेंड
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मुंबई। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर मुंबई के पांच फूड प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की है। विभाग ने इन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिए हैं। कार्रवाई की जद में महालक्ष्मी रेसकोर्स स्थित रॉयल वेस्टर्न इंडिया टर्फ क्लब परिसर में संचालित एक रेस्टोरेंट और बांद्रा वेस्ट स्थित ड्रीमर हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल हैं।

FDA की जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों के भंडारण, किचन की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था, कीट नियंत्रण और कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड में कमियां मिलने की बात सामने आई। सबसे गंभीर स्थिति महालक्ष्मी रेसकोर्स के अंदर संचालित BJRS यानी गैलप्स रेस्टोरेंट में सामने आने का दावा किया गया है। निरीक्षण के बाद इसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।

गैलप्स रेस्टोरेंट का लाइसेंस सस्पेंड

महालक्ष्मी रेसकोर्स परिसर में स्थित BJRS (गैलप्स) रेस्टोरेंट की जांच के दौरान FDA अधिकारियों ने कई खामियां दर्ज कीं। आरोप है कि रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों को रखने से लेकर किचन की साफ-सफाई तक में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।

जांच में रेफ्रिजरेटर के अंदर बर्फ पर नॉन-वेज खाद्य पदार्थों से लगे खून जैसे दाग और केचप के निशान पाए जाने की बात कही गई। कच्चा सामान भी फटी या खराब पैकेजिंग में रखा मिला। इस तरह खाद्य पदार्थों का भंडारण संक्रमण और क्रॉस-कंटैमिनेशन का जोखिम पैदा कर सकता है।

निरीक्षण में सामने आई इन स्थितियों को देखते हुए FDA ने रेस्टोरेंट का लाइसेंस तत्काल सस्पेंड करने की कार्रवाई की।

किचन में जमा था ग्रीस

FDA की जांच में रेस्टोरेंट के किचन की स्थिति पर भी सवाल उठे। किचन के अलग-अलग हिस्सों में ग्रीस जमा होने की बात सामने आई। इसके अलावा दीवारों की स्थिति भी खराब पाई गई।

खाना तैयार करने वाली जगह पर नियमित सफाई खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। खासतौर पर तेल और ग्रीस जमा होने से किचन में गंदगी बढ़ने के साथ कीटों के पनपने की आशंका भी बढ़ सकती है।

अधिकारियों ने किचन की संरचना और रखरखाव से संबंधित कमियों को भी निरीक्षण रिपोर्ट में दर्ज किया। खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए जरूरी है कि भोजन तैयार करने और स्टोर करने वाली जगह साफ तथा व्यवस्थित रखी जाए।

जिंदा कॉकरोच और चींटियां मिलने का दावा

निरीक्षण के दौरान सबसे चिंताजनक स्थिति कीटों की मौजूदगी को लेकर सामने आई। FDA अधिकारियों को परिसर में जिंदा कॉकरोच और चींटियां मिलीं। इसके अलावा कॉकरोच पकड़ने के लिए लगाए गए ट्रैप भी ठीक तरीके से ढके या व्यवस्थित नहीं पाए गए।

खाद्य प्रतिष्ठान में कॉकरोच, चींटियां या दूसरे कीटों की मौजूदगी भोजन की स्वच्छता और सुरक्षा के लिए गंभीर समस्या मानी जाती है। इनके संपर्क में आने से खाद्य पदार्थ दूषित हो सकते हैं।

ऐसी स्थिति को रोकने के लिए नियमित पेस्ट कंट्रोल, कचरे का उचित निपटान और किचन तथा स्टोरेज क्षेत्र की नियमित सफाई आवश्यक होती है।

ड्रेनेज और पानी जमा होने की समस्या

रेस्टोरेंट में ड्रेनेज से संबंधित कमियां भी सामने आईं। कुछ स्थानों पर पानी जमा पाया गया। किचन और खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले क्षेत्रों में पानी जमा रहने से साफ-सफाई प्रभावित हो सकती है और कीटों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

FDA की जांच में ड्रेनेज सिस्टम को लेकर भी सवाल उठाए गए। खाद्य सुरक्षा के नियमों के तहत प्रतिष्ठानों में गंदे पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है।

अधिकारियों ने इन सभी स्थितियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों से जोड़ते हुए कार्रवाई की।

कर्मचारियों की मेडिकल जांच का रिकॉर्ड नहीं

निरीक्षण के दौरान फूड हैंडलर्स यानी भोजन तैयार करने और परोसने से जुड़े कर्मचारियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड में भी कमी पाई गई। आरोप है कि रेस्टोरेंट के पास कर्मचारियों की सालाना मेडिकल जांच और वैक्सीनेशन से संबंधित जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे।

फूड हैंडलर्स की नियमित स्वास्थ्य जांच इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य का सीधा संबंध खाद्य सुरक्षा से होता है। यदि कोई कर्मचारी संक्रामक बीमारी से प्रभावित है तो उचित सावधानी न बरतने पर भोजन के दूषित होने का खतरा हो सकता है।

इसी कारण खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच और आवश्यक रिकॉर्ड बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है।

बांद्रा वेस्ट के प्रतिष्ठान पर भी कार्रवाई

FDA की कार्रवाई केवल महालक्ष्मी रेसकोर्स तक सीमित नहीं रही। बांद्रा वेस्ट में संचालित ड्रीमर हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड भी उन प्रतिष्ठानों में शामिल है, जिनके लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किए गए हैं।

कुल पांच खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई से साफ है कि विभाग मुंबई में रेस्टोरेंट और अन्य फूड आउटलेट्स की स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की जांच पर ध्यान दे रहा है।

अलग-अलग प्रतिष्ठानों में सामने आई कमियों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। संबंधित प्रतिष्ठानों को नियमों का पालन और कमियों को दूर करने के बाद नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी

रेस्टोरेंट और अन्य फूड प्रतिष्ठानों में केवल भोजन की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि उसे तैयार करने और रखने की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण होती हैं। रेफ्रिजरेटर की सफाई, कच्चे और तैयार भोजन को अलग-अलग रखना, पैकेजिंग की स्थिति, किचन की नियमित सफाई, कीट नियंत्रण और ड्रेनेज व्यवस्था खाद्य सुरक्षा के अहम हिस्से हैं।

इनमें लापरवाही से खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा बढ़ सकता है। यही कारण है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर संबंधित विभाग लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई कर सकता है।

कमियां दूर करने पर रहेगी नजर

मुंबई में पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किए जाने के बाद अब संबंधित फूड आउटलेट्स को निरीक्षण में सामने आई कमियों को दूर करना होगा। विशेष रूप से गैलप्स रेस्टोरेंट में रेफ्रिजरेटर की स्थिति, कच्चे खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग, किचन में ग्रीस, ड्रेनेज, कीट नियंत्रण और कर्मचारियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आने का आरोप है।

FDA की कार्रवाई ने एक बार फिर रेस्टोरेंट और खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन का मुद्दा सामने ला दिया है।

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