महाराष्ट्र

पालघर कलेक्टर कार्यालय की कैंटीन का लाइसेंस निलंबित

Kavita2
28 July 2026 10:10 AM IST
पालघर कलेक्टर कार्यालय की कैंटीन का लाइसेंस निलंबित
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पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पालघर जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में संचालित कैंटीन का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कैंटीन में जांच के दौरान एक्सपायर हो चुके खाद्य पदार्थ मिलने और खाद्य सुरक्षा व साफ-सफाई से जुड़े नियमों के गंभीर उल्लंघन के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे के निर्देश और निगरानी में FDA की पालघर यूनिट ने 24 जुलाई को जिला कलेक्टर कार्यालय की कैंटीन में अचानक जांच की थी। यह निरीक्षण सरकारी कैंटीन में खाद्य सुरक्षा मानकों और स्वच्छता नियमों के पालन की स्थिति की जांच करने के उद्देश्य से किया गया था।

जिला कलेक्टर कार्यालय की कैंटीन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। यहां सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, विभिन्न कार्यों से आने वाले नागरिक और अन्य आगंतुक भोजन और पेय पदार्थों का सेवन करते हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई सुनिश्चित करना बेहद जरूरी माना जाता है।

FDA अधिकारियों ने जांच के दौरान कैंटीन में रखे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उनकी पैकेजिंग, उपयोग की अंतिम तिथि, रसोई की सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़े अन्य मानकों की जांच की। निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ पाए गए जिनकी एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी। इसके अलावा कैंटीन में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन में भी गंभीर कमियां सामने आईं।

FDA ने इन उल्लंघनों को गंभीर मानते हुए कैंटीन का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है, इसलिए ऐसी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई केवल नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई है। कैंटीन संचालक को नियमों के पालन और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए जा सकते हैं। आगे की कार्रवाई जांच और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।

FDA अधिकारियों ने बताया कि सरकारी परिसरों में चलने वाली कैंटीन भी खाद्य सुरक्षा कानूनों के दायरे में आती हैं। सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना कैंटीन संचालकों की जिम्मेदारी है। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो विभाग नियमानुसार कार्रवाई करता है।

इस कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में संचालित अन्य कैंटीनों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर ऐसी जगहों का निरीक्षण करता रहेगा ताकि लोगों को सुरक्षित भोजन मिल सके।

FDA की ओर से समय-समय पर होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन और खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की जाती है। जांच के दौरान यदि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में कमी, मिलावट या स्वच्छता नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सपायर खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे खाद्य पदार्थों से फूड पॉइजनिंग और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए खाद्य सामग्री के भंडारण, उपयोग और बिक्री में निर्धारित मानकों का पालन करना आवश्यक है।

पालघर कलेक्टर कार्यालय की कैंटीन पर हुई कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी, ताकि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों पर रोक लगाई जा सके।

FDA ने लोगों से भी अपील की है कि वे भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सतर्क रहें। यदि किसी प्रतिष्ठान में खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ, गंदगी या नियमों का उल्लंघन दिखाई देता है तो इसकी शिकायत संबंधित विभाग से की जा सकती है।

फिलहाल पालघर जिला कलेक्टर कार्यालय की कैंटीन का लाइसेंस निलंबित है और विभाग की नजर आगे की प्रक्रिया पर बनी हुई है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि सरकारी परिसरों में संचालित खाद्य सेवाएं निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों।

यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, चाहे वह निजी प्रतिष्ठान हो या सरकारी परिसर में संचालित कैंटीन।

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