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लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आरोपी अमोल गायकवाड़ पुणे से गिरफ्तार

MUMBAI मुंबई: बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक और महत्वपूर्ण आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तार आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य अमोल गायकवाड़ है, जो पुणे का निवासी है। सूत्रों ने जानकारी दी कि अमोल गायकवाड़ को क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल की टीम ने पुणे से गिरफ्तार किया। जांच अधिकारियों के अनुसार, अमोल गायकवाड़ का अहम रोल फरार आरोपी सुभम लोनकर को मुंबई लाने और ले जाने में था। इस मामले में अब तक कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन आरोपी अब भी फरार हैं। इन तीनों में अनमोल बिश्नोई, सुभम लोनकर और मोहम्मद यासीन अख्तर शामिल हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अमोल गायकवाड़ की गिरफ्तारी से मामले में अहम सबूत हाथ आए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी की भूमिका केवल फरार आरोपियों की सहायता तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अन्य कार्यों में भी शामिल था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अमोल गायकवाड़ की लोकेशन ट्रैक करने के लिए कई तकनीकी और खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया गया। इसके तहत टीम ने कई जगहों पर राउंड्स किए और संदिग्ध संपर्कों की जांच की। अंततः पुणे में एक छापेमारी के दौरान आरोपी को दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अमोल गायकवाड़ ने कई अहम जानकारियाँ पुलिस के सामने रखीं। अधिकारियों के अनुसार, इन जानकारियों से अब बाकी फरार आरोपियों की तलाश में और तेजी आएगी। पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियों को रोकने और मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगी। मुंबई क्राइम ब्रांच ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या योजना पहले से ही तैयार की गई थी और इसमें गैंग के कई अन्य सदस्य शामिल थे। अमोल गायकवाड़ की गिरफ्तारी से इस पूरे जाल का खुलासा होने की उम्मीद है।
बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में पुलिस लगातार सक्रिय है। शुरुआती जांच में यह पता चला कि हत्या की साजिश के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी के साथ-साथ संगठित अपराध की भूमिका भी थी। मुंबई पुलिस ने इस मामले में विशेष सेल का गठन किया और लगातार जांच-पड़ताल जारी रखी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध जानकारी के लिए स्थानीय थाने या क्राइम ब्रांच से संपर्क करें। वहीं, गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है ताकि कोई भी और आरोपी आसानी से भाग न सके। अमोल गायकवाड़ के गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि अब बाकी फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। इसके तहत मुंबई, पुणे और अन्य शहरों में सक्रिय गैंग सदस्यों की लोकेशन ट्रैक की जा रही है।
इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क बहुत व्यापक माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गैंग कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल था और उसकी योजनाओं में हत्या, धमकी और ब्लैकमेलिंग जैसी वारदातें शामिल थीं। अमोल गायकवाड़ की गिरफ्तारी इस नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अभी मामले की अदालत में सुनवाई जारी है और पुलिस ने अदालत से आग्रह किया है कि आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएँ। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी मुंबई पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है और इससे अपराधियों में डर पैदा होगा।
इस गिरफ्तारी के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि तीनों फरार आरोपी—अनमोल बिश्नोई, सुभम लोनकर और मोहम्मद यासीन अख्तर—भी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में आ सकते हैं। पुलिस लगातार गैंग के अन्य सदस्यों और उनके सहयोगियों की पहचान कर रही है ताकि मामले में पूरी तरह से न्याय सुनिश्चित किया जा सके।





