महाराष्ट्र

NCP के दिवाली मिलन कार्यक्रम में लावणी डांस पर मचा बवाल

SHIDDHANT
27 Oct 2025 11:02 PM IST
NCP के दिवाली मिलन कार्यक्रम में लावणी डांस पर मचा बवाल
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नागपुर। महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नागपुर कार्यालय में आयोजित दिवाली मिलन समारोह चर्चा का केंद्र बन गया है। कार्यक्रम के दौरान हुई लावणी प्रस्तुति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला विवादों में घिर गया। विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस आयोजन पर सवाल उठाते हुए कहा कि “राजनीतिक पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रम में इस तरह का प्रदर्शन अनुचित है। मामला बढ़ता देख NCP नागपुर शहर अध्यक्ष अनिल अहिरकर ने सामने आकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण को गलत तरीके से पेश किया गया है और वीडियो को “तथ्य से परे” रूप में प्रचारित किया जा रहा है।
अनिल अहिरकर ने कहा, “कल नागपुर शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की ओर से दिवाली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें हमारे सभी पदाधिकारी — पुरुष और महिला दोनों — शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से 7 बजे तक चला। इसमें हमने स्थानीय कलाकारों को भी मंच दिया ताकि हमारी सांस्कृतिक परंपरा को बढ़ावा मिले। लेकिन कुछ लोगों ने कार्यक्रम के एक छोटे हिस्से को काटकर सोशल मीडिया पर गलत तरीके से वायरल कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी ने किसी भी अशोभनीय प्रस्तुति की अनुमति नहीं दी थी। “हमारे लिए दिवाली मिलन एक सामाजिक और सांस्कृतिक अवसर है, न कि मनोरंजन या राजनीति का मंच। कार्यक्रम पूरी तरह सम्मानजनक और शालीनता से संपन्न हुआ था। सोशल मीडिया पर जो दिखाया जा रहा है, वह आधे सच पर आधारित है,” अहिरकर ने कहा।
सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो में पारंपरिक लावणी डांस का एक हिस्सा दिखाया गया है, जिसमें कलाकार मंच पर प्रस्तुति दे रही हैं और कुछ पार्टी कार्यकर्ता तालियां बजाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई और कई लोगों ने इसे “राजनीति में मर्यादा से परे” बताया। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर लोगों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ ने कहा कि “लावणी महाराष्ट्र की पारंपरिक कला है और इसे किसी भी कार्यक्रम में प्रस्तुत करना गलत नहीं,” वहीं कुछ अन्य लोगों ने इसे “राजनीतिक मंच का दुरुपयोग” करार दिया।
वहीं, नागपुर पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस कार्यक्रम में किसी भी तरह की कानूनी उल्लंघन की रिपोर्ट नहीं आई है। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय पार्टी कार्यालय में किया गया था और अनुमति के तहत ही हुआ था। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के विवाद महाराष्ट्र में आम हैं, खासकर जब सांस्कृतिक कार्यक्रम और राजनीतिक आयोजनों का संगम होता है। लावणी जैसी लोकनृत्य विधाएं महाराष्ट्र की परंपरा में गहराई से जुड़ी हैं, लेकिन जब इन्हें राजनीतिक मंचों पर प्रस्तुत किया जाता है तो विवाद की स्थिति बन जाती है।
NCP सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने अब इस मामले की आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसे विवादों से बचा जा सके। अनिल अहिरकर ने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल दिवाली के अवसर पर एकता और सांस्कृतिक मेलजोल को बढ़ावा देना था। किसी को ठेस पहुंचाना या विवाद पैदा करना हमारी मंशा नहीं थी। इस पूरे घटनाक्रम ने जहां नागपुर में राजनीतिक चर्चाओं को गर्मा दिया है, वहीं सोशल मीडिया पर यह वीडियो अब भी तेजी से वायरल हो रहा है।
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