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चंद्रकांत चव्हाण की नई किताब ‘अधाली मधाली पाने’ का लोकार्पण

Maharashtra महाराष्ट्र: क्रिएटिव निबंधकार चंद्रकांत चव्हाण की नई किताब ‘अधाली मधाली पाने’ का हाल ही में लोकार्पण किया गया, जिसे साहित्यिक जगत में एक महत्वपूर्ण कृति के रूप में देखा जा रहा है। इस पुस्तक को रोजमर्रा की घटनाओं को गहराई से सोचने पर मजबूर करने वाली कहानियों का प्रभावशाली संग्रह बताया गया है।
अधाली मधाली पाने का यह विमोचन कार्यक्रम प्राइम पब्लिशिंग हाउस द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें कई साहित्यकार और पाठक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कवि शशिकांत हिंगोनेकर ने पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए कहा कि यह संग्रह सामान्य जीवन की घटनाओं को बेहद सरल लेकिन विचारोत्तेजक तरीके से प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि लेखक ने रोजमर्रा की बातों को भी गहराई से देखने और समझने की दृष्टि विकसित करने वाली कहानियों में बदला है।
शशिकांत हिंगोनेकर ने यह भी कहा कि चंद्रकांत चव्हाण की लेखनी मराठी ललित साहित्य में एक नया दृष्टिकोण है और पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रकाशक प्रदीप पाटिल ने की। उन्होंने कहा कि इस तरह की रचनात्मक पुस्तकें साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और नए लेखकों को प्रेरित करती हैं।
प्रदीप पाटिल ने कहा कि प्राइम पब्लिशिंग हाउस हमेशा ऐसे लेखकों को मंच देता है जो साहित्य में नई सोच और प्रयोग लेकर आते हैं।
कार्यक्रम में शहर के कई साहित्य प्रेमी, लेखक और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए। सभी ने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे समकालीन मराठी साहित्य में एक महत्वपूर्ण योगदान बताया।
खानदेश साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए हिंगोनेकर ने कहा कि इस क्षेत्र की साहित्यिक परंपरा पिछले कुछ दशकों में लगातार मजबूत हुई है और यहां के कई लेखकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र के लेखकों को केशवसुत कविता पुरस्कार, साहित्य अकादमी पुरस्कार और ज्ञानपीठ पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं, जो इसकी समृद्ध साहित्यिक विरासत को दर्शाते हैं।
चंद्रकांत चव्हाण की इस नई पुस्तक को भी इसी परंपरा का विस्तार माना जा रहा है, जो मराठी साहित्य में नई सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देती है।
चंद्रकांत चव्हाण की यह कृति पाठकों को दैनिक जीवन की छोटी-छोटी घटनाओं के माध्यम से जीवन के गहरे अर्थ समझने के लिए प्रेरित करती है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी साहित्यकारों ने लेखक को शुभकामनाएं दीं और पुस्तक की सफलता की कामना की।





