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ठाणे: महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश के बीच मंगलवार को कसारा घाट में बड़ा लैंडस्लाइड हुआ, जिससे मुंबई-नासिक नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया। पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक खिसकने से हाईवे पर बड़ी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा आ गिरा, जिसके कारण कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई।
घटना के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, शाहपुर डिजास्टर मैनेजमेंट टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मलबा हटाने का काम शुरू किया और करीब एक घंटे के भीतर हाईवे को फिर से यातायात के लिए खोल दिया गया।
बारिश से कमजोर पहाड़ी का हिस्सा गिरा
जानकारी के अनुसार, पिछले कई दिनों से कसारा घाट और आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी की मिट्टी कमजोर हो गई थी, जिसके चलते मंगलवार को अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया।
लैंडस्लाइड के कारण हाईवे पर मिट्टी, बड़े-बड़े पत्थर और मलबा फैल गया। घाट क्षेत्र में सड़क संकरी होने के कारण कुछ ही समय में यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
दोनों तरफ लगी वाहनों की लंबी कतार
हाईवे बंद होने के बाद मुंबई और नासिक की ओर जाने वाले कई वाहन रास्ते में फंस गए। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
यात्रियों को कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। बारिश के बीच हाईवे बंद होने से लोगों में चिंता भी बढ़ गई थी।
डिजास्टर मैनेजमेंट टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही शाहपुर डिजास्टर मैनेजमेंट टीम सक्रिय हो गई। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मलबा हटाने का काम शुरू किया।
मशीनों और कर्मचारियों की मदद से हाईवे पर जमा मिट्टी और पत्थरों को हटाया गया। टीम की तेजी के कारण ज्यादा समय तक यातायात बाधित नहीं रहा।
करीब एक घंटे की मेहनत के बाद सड़क को साफ कर दिया गया और वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई।
प्रशासन ने यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की
बारिश के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर घाट क्षेत्रों में यात्रा करने वाले वाहन चालकों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में मिट्टी खिसकने और चट्टान गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
मुंबई-नासिक हाईवे की अहमियत
मुंबई-नासिक नेशनल हाईवे महाराष्ट्र के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। यह मार्ग मुंबई, ठाणे, नासिक और आसपास के कई क्षेत्रों को जोड़ता है।
कसारा घाट इस हाईवे का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां बारिश के दौरान अक्सर भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें मानसून के दौरान विशेष रूप से सतर्क रहती हैं।
मानसून में बढ़ा लैंडस्लाइड का खतरा
महाराष्ट्र के पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान लैंडस्लाइड की घटनाएं आम हो जाती हैं। लगातार बारिश से जमीन की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिससे मिट्टी और चट्टानों के खिसकने का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन द्वारा ऐसे क्षेत्रों में निगरानी रखी जा रही है और आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमों को तैयार रखा गया है।
समय पर कार्रवाई से टला बड़ा संकट
कसारा घाट में हुए इस लैंडस्लाइड से हालांकि कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन राहत टीमों की तेज कार्रवाई से स्थिति जल्द सामान्य हो गई।
अगर मलबा लंबे समय तक सड़क पर रहता तो मुंबई-नासिक हाईवे पर भारी जाम की स्थिति बन सकती थी। लेकिन प्रशासन की तत्परता के कारण यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
फिलहाल हाईवे पर यातायात सामान्य है और प्रशासन बारिश के दौरान सड़क की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।





