महाराष्ट्र

मुंबई-नासिक हाईवे पर कसारा घाट में भूस्खलन, पहाड़ी का हिस्सा गिरा

Kavita2
7 July 2026 12:07 PM IST
मुंबई-नासिक हाईवे पर कसारा घाट में भूस्खलन, पहाड़ी का हिस्सा गिरा
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Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश के बीच मंगलवार को मुंबई-नासिक राजमार्ग पर बड़ा हादसा होने से टल गया। पुराने कसारा घाट क्षेत्र में पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिसके कारण सड़क पर मिट्टी, बड़े-बड़े पत्थर और पेड़ गिर गए। भूस्खलन के चलते हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ और कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत एवं निकासी अभियान शुरू किया। अधिकारियों की तत्परता से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात को नियंत्रित किया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

पुराने कसारा घाट में गिरा पहाड़ी का हिस्सा

जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण पुराने कसारा घाट क्षेत्र में पहाड़ी की मिट्टी कमजोर हो गई थी। मंगलवार को अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में पत्थर, कीचड़ और पेड़ भी हाईवे पर गिर गए।

भूस्खलन के कारण मुंबई-नासिक राजमार्ग का एक हिस्सा प्रभावित हुआ। सड़क पर मलबा जमा होने से वाहनों की गति धीमी हो गई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

घटनास्थल से सामने आए दृश्यों में सड़क पर बड़े पत्थर, गिरे हुए पेड़ और कीचड़ दिखाई दे रहा है। कई वाहन चालक सावधानीपूर्वक प्रभावित हिस्से से गुजरते नजर आए।

पुलिस और बचाव दल ने संभाली स्थिति

भूस्खलन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों ने तुरंत क्षेत्र का निरीक्षण किया और सुरक्षा के लिहाज से यातायात को नियंत्रित किया।

बचाव दल ने जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सड़क पर गिरे मलबे को हटाने का काम शुरू किया। इस दौरान यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस कर्मी मौके पर तैनात रहे।

अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने के बाद हाईवे पर एक लेन से यातायात बहाल कर दिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सड़क की निगरानी की जा रही है।

मानसून में बढ़ा भूस्खलन का खतरा

महाराष्ट्र के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाएं आम हो जाती हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी ढीली हो जाती है, जिससे अचानक चट्टानों और मलबे के गिरने का खतरा बढ़ जाता है।

मुंबई-नासिक राजमार्ग राज्य के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में भूस्खलन जैसी घटनाएं यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।

प्रशासन ने बारिश के मौसम में घाट क्षेत्रों से गुजरने वाले यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर तेज बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने को कहा गया है।

यात्रियों को हुई परेशानी

भूस्खलन के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा।

वाहन चालकों ने बताया कि अचानक सड़क पर पत्थर और मिट्टी गिरने से स्थिति खतरनाक हो गई थी। हालांकि, प्रशासन के तुरंत पहुंचने और कार्रवाई करने से बड़ा हादसा टल गया।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

घटना के बाद प्रशासन ने कसारा घाट और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

बारिश जारी रहने की संभावना को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की जांच की जा रही है, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति बनने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

कोई जनहानि नहीं, राहत की बात

इस घटना में सबसे बड़ी राहत यह रही कि किसी व्यक्ति की जान नहीं गई और कोई घायल भी नहीं हुआ। प्रशासन की तत्परता से जल्द ही स्थिति को संभाल लिया गया।

अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सड़क मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

बारिश के बीच सतर्कता जरूरी

मौसम विभाग द्वारा मानसून के दौरान कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई जाती है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों और घाट मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

कसारा घाट की घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन जहां लगातार निगरानी कर रहा है, वहीं यात्रियों से भी अपील की जा रही है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए यात्रा करें।

फिलहाल मुंबई-नासिक हाईवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है और अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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