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पुणे: इस सनसनीखेज मामले में पुलिस की चार्जशीट से पता चला है कि सिया गोयल और उनके साथियों ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की कथित हत्या के लिए इंस्टाग्राम पर एक नकली अकाउंट, ChatGPT और मर्डर वाली फिल्मों का इस्तेमाल किया था।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को दाखिल 5,053 पन्नों की चार्जशीट में पुणे के लोहागढ़ किले में जून में 26 साल के बिजनेसमैन की मौत के पीछे की कथित साजिश का ब्योरा दिया गया है।
आरोप है कि 18 जून को अग्रवाल को उनकी मंगेतर सिया गोयल ने किले से नीचे धकेल दिया था। इस काम में उनके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और एक अन्य आरोपी रितेश हांगे ने उनकी मदद की थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने शुरू में अग्रवाल को गंभीर रूप से घायल करने पर चर्चा की थी और हमले के लिए महाराष्ट्र के बाहर से किसी को बुलाने की संभावना पर भी विचार किया था।
पुलिस का दावा है कि बाद में यह योजना छोड़ दी गई क्योंकि उन्हें डर था कि बाहर से बुलाया गया हमलावर साजिश का खुलासा कर सकता है या उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं ने बताया है कि इस चरण के दौरान संपर्क किया गया एक व्यक्ति अब गवाह बन गया है।
चार्जशीट के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने खुद ही अग्रवाल को मारने का फैसला किया और इसके लिए मर्डर वाली फिल्में देखीं और ChatGPT का इस्तेमाल किया। उन्होंने पुलिस की पकड़ से बचने के तरीकों पर पॉडकास्ट भी सुने।
गोयल और उनके साथियों ने पिछले साल हुए मेघालय हनीमून मर्डर केस के बारे में भी जानकारी जुटाई थी, जिसमें इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी की कथित तौर पर उनकी पत्नी सोनम ने राज्य के ईस्ट खासी हिल्स जिले में हनीमून के दौरान हत्या कर दी थी।
इसके अलावा, जांचकर्ताओं ने बताया कि अग्रवाल को किले तक "लुभाने" के लिए आरोपियों की जान-पहचान वाली एक महिला की तस्वीर का इस्तेमाल करके 'माही' नाम से एक नकली इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया गया था।
इसके बाद, उस अकाउंट से पीड़ित को 18 जून को उस जगह पर आने के लिए उकसाया गया, ताकि गोयल के लिए जन्मदिन का सरप्राइज प्लान किया जा सके।
चार्जशीट के मुताबिक, नकली अकाउंट रितेश हांगे की उस योजना का हिस्सा था जिसके तहत अग्रवाल को किले तक लाया जाना था। घटना के बाद उस अकाउंट को डिलीट कर दिया गया।
साथ ही, चार्जशीट से यह भी पता चला कि लोहागढ़ किले को चुनने से पहले आरोपियों ने लोनावला के आसपास की जगहों की रेकी (निरीक्षण) की थी। जांच करने वालों के मुताबिक, गोयल और चौधरी ने एकांत जगह की तलाश में टाइगर पॉइंट और दूसरी जगहों का दौरा किया।
पुलिस ने बताया कि आखिर में लोहगढ़ को इसलिए चुना गया क्योंकि पिछले साल मार्च में वहां किले पर एक मौत हुई थी। आरोपियों को लगा कि वे अग्रवाल की मौत को उस जगह पर गलती से गिरने से हुई मौत जैसा दिखा सकते हैं।
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