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KDMC का संपत्ति कर संग्रह अभियान मजबूत, जून 2026 तक ₹100.30 करोड़ वसूली

Maharashtra महाराष्ट्र: कल्याण डोंबिवली नगर निगम (KDMC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपने संपत्ति कर संग्रह अभियान की मजबूत शुरुआत दर्ज की है। जून 2026 के अंत तक निगम ने कुल ₹100.30 करोड़ का संपत्ति कर संग्रह किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के इसी अवधि में हुए ₹67.88 करोड़ के संग्रह की तुलना में काफी अधिक है। इस बढ़ोतरी को नगर निगम की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इस प्रभावशाली कर संग्रह का मुख्य कारण करदाताओं की सकारात्मक और उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया के साथ-साथ डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए किए गए निरंतर प्रयास हैं। अधिकारियों ने कहा कि समय पर कर भुगतान के प्रति नागरिकों की बढ़ती भागीदारी ने राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय सुधार किया है।
KDMC ने बताया कि मजबूत राजस्व प्रवाह से नगर निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे शहर में बुनियादी ढांचे के विकास और नागरिक सेवाओं में सुधार के कार्यों को गति दी जा सकेगी। निगम का मानना है कि अधिक राजस्व प्राप्त होने से जल आपूर्ति, सड़क विकास, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संपत्ति कर के बिल पहले ही करदाताओं को जारी किए जा चुके हैं। साथ ही इन बिलों को निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराया गया है, ताकि नागरिक आसानी से ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कर सकें और भुगतान कर सकें।
KDMC ने करदाताओं को समय पर भुगतान करने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं भी लागू की हैं। निगम के अनुसार, जो नागरिक 31 जुलाई 2026 को या उससे पहले अपना संपत्ति कर जमा करते हैं, उन्हें सरकारी करों को छोड़कर संपत्ति कर घटक पर 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
इसके अलावा, जो करदाता ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करते हैं, उन्हें अतिरिक्त 2 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलेगा। इस तरह डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और लोगों को ऑनलाइन लेनदेन की ओर आकर्षित करने के लिए यह व्यवस्था की गई है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग से न केवल कर संग्रह प्रक्रिया आसान हुई है, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ी है। इससे करदाताओं को भी सुविधा मिल रही है क्योंकि वे घर बैठे ही अपना कर भुगतान कर सकते हैं।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कर भुगतान में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। लोग अब नकद भुगतान की तुलना में ऑनलाइन विकल्प को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में भी सुधार हुआ है।
नगर निगम ने करदाताओं से अपील की है कि वे समय पर अपना संपत्ति कर जमा करें और उपलब्ध छूट का लाभ उठाएं। साथ ही यह भी कहा गया है कि समय पर कर भुगतान से शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कर संग्रह अभियान स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करते हैं और शहरों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बेहतर राजस्व से नगर निगम को नई परियोजनाओं को लागू करने में मदद मिलती है।
KDMC का यह प्रदर्शन आने वाले समय में अन्य नगर निकायों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है, खासकर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और समय पर कर वसूली के क्षेत्र में।





