महाराष्ट्र

KDMC अस्पताल मामला: UDF ने मांगी FIR और गिरफ्तारी

Kavita2
8 July 2026 4:16 PM IST
KDMC अस्पताल मामला: UDF ने मांगी FIR और गिरफ्तारी
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ठाणे : कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर कथित हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए महाराष्ट्र सरकार से तत्काल FIR दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर 72 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो देशभर में आंदोलन शुरू किया जा सकता है।

डॉक्टरों पर कथित हमले से नाराज मेडिकल समुदाय

बताया जा रहा है कि यह घटना कल्याण-डोंबिवली नगर निगम के शास्त्रीनगर अस्पताल में हुई थी, जहां एक मरीज के परिजनों को नवजात शिशु को दूसरी जगह ले जाने की सलाह दिए जाने के बाद विवाद बढ़ गया।

आरोप है कि शिवसेना के एक कॉर्पोरेटर और उनके साथ आए लोगों ने अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ के साथ मारपीट की। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद मेडिकल समुदाय में नाराजगी बढ़ गई।

UDF ने सरकार को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने महाराष्ट्र सरकार को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने के लिए 72 घंटे का समय दिया है।

UDF का कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जा सकते। संगठन ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और अस्पतालों में डॉक्टरों व कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों को लिखा पत्र

UDF चेयरपर्सन डॉ. लक्ष्य मित्तल ने कहा कि संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम), ठाणे पुलिस कमिश्नर और एडिशनल पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजा है।

उन्होंने कहा कि पत्र के माध्यम से तत्काल FIR दर्ज करने और घटना में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की गई है।

डॉ. मित्तल ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मरीजों की सेवा करते हैं, ऐसे में उनके साथ हिंसा की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।

अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

UDF ने महाराष्ट्र सरकार से स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।

संगठन का कहना है कि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ अक्सर तनावपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। मरीजों और उनके परिवारों की समस्याओं को समझते हुए भी स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की है।

घटना के बाद पुलिस कार्रवाई पर नजर

मामले को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। UDF का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।

स्वास्थ्य संगठनों की ओर से पहले भी कई बार अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया जाता रहा है।

डॉक्टरों की सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा

देश के कई हिस्सों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं। मेडिकल संगठनों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से डॉक्टरों के मनोबल पर असर पड़ता है और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

UDF ने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा केवल मेडिकल समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे समाज का मुद्दा है।

फिलहाल KDMC शास्त्रीनगर अस्पताल में कथित हमले को लेकर विवाद जारी है। UDF की मांग है कि दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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