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जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी बने बॉम्बे हाई कोर्ट के 50वें चीफ जस्टिस, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

मुंबई। जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी ने बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने आयोजित समारोह में उन्हें शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह का वीडियो भी सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सामने आया है, जिसमें जस्टिस त्रिपाठी को नए दायित्व की शपथ लेते हुए देखा जा सकता है।
जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद 5 सितंबर को उन्हें बॉम्बे हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके साथ ही उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के 50वें चीफ जस्टिस के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है।
Mumbai, Maharashtra: Justice Mahesh Chandra Tripathi is being sworn in as the Chief Justice of the Bombay High Court pic.twitter.com/W4cjLFfyoR
— IANS (@ians_india) September 9, 2026
न्यायपालिका में जस्टिस त्रिपाठी का लंबा अनुभव रहा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की। अब बॉम्बे हाई कोर्ट जैसे देश के प्रमुख उच्च न्यायालय की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।
शपथ ग्रहण समारोह में महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, न्यायपालिका से जुड़े लोग और कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने औपचारिक रूप से उन्हें पद की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान न्यायिक परंपराओं के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी की नियुक्ति को न्यायिक प्रशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण उच्च न्यायालयों में से एक है। इसके अधिकार क्षेत्र में महाराष्ट्र, गोवा और केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव आते हैं।
जस्टिस त्रिपाठी इलाहाबाद हाई कोर्ट से पदोन्नत होकर बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनने वाले दूसरे चीफ जस्टिस होंगे। इससे पहले भी इलाहाबाद हाई कोर्ट से कई न्यायाधीशों ने देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।
मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस त्रिपाठी के सामने न्यायालय में लंबित मामलों का निपटारा, न्यायिक प्रक्रिया को और प्रभावी बनाना तथा न्याय व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां होंगी।
बॉम्बे हाई कोर्ट में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। इनमें नागरिक, आपराधिक, संवैधानिक और व्यावसायिक मामलों के अलावा कई महत्वपूर्ण जनहित याचिकाएं भी शामिल हैं। ऐसे में नए मुख्य न्यायाधीश के सामने न्यायिक कार्यों में तेजी लाने की जिम्मेदारी होगी।
न्यायपालिका में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और ई-कोर्ट व्यवस्था को मजबूत करना भी वर्तमान समय की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। माना जा रहा है कि जस्टिस त्रिपाठी अपने अनुभव के आधार पर अदालत की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करेंगे।
जस्टिस त्रिपाठी का न्यायिक करियर काफी लंबा और अनुभवपूर्ण रहा है। इलाहाबाद हाई कोर्ट में काम करते हुए उन्होंने विभिन्न कानूनी विषयों से जुड़े मामलों की सुनवाई की। उनकी नियुक्ति से बॉम्बे हाई कोर्ट को एक अनुभवी न्यायिक अधिकारी का नेतृत्व मिला है।
गौरतलब है कि देश के उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति कॉलेजियम की सिफारिश और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत की जाती है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
शपथ लेने के बाद जस्टिस त्रिपाठी ने बॉम्बे हाई कोर्ट की जिम्मेदारी संभाल ली है। न्यायिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं और उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में अदालत की कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी।
अब सभी की नजरें उनके कार्यकाल पर रहेंगी, जिसमें लंबित मामलों के निपटारे से लेकर न्यायिक सुधारों तक कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल होंगे। उनके अनुभव और न्यायिक समझ से बॉम्बे हाई कोर्ट को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





