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‘12th Fail’ वाले IPS मनोज कुमार शर्मा बने मुंबई के जॉइंट पुलिस कमिश्नर

मुंबई। फिल्म ‘12th Fail’ से देशभर में चर्चित हुए वरिष्ठ IPS अधिकारी मनोज कुमार शर्मा को मुंबई पुलिस में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) की जिम्मेदारी दी गई है। महाराष्ट्र सरकार ने मई 2026 में हुए बड़े पुलिस प्रशासनिक फेरबदल के दौरान उन्हें इस पद पर नियुक्त किया था। मनोज शर्मा 2005 बैच के IPS अधिकारी हैं और उनकी जिंदगी पर आधारित फिल्म ‘12th Fail’ ने उनके संघर्ष, असफलता और सफलता की कहानी को लाखों लोगों तक पहुंचाया।
मनोज कुमार शर्मा की कहानी इसलिए खास मानी जाती है क्योंकि उन्होंने बेहद साधारण परिस्थितियों से निकलकर देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा पास की। स्कूल के दिनों में वह 12वीं कक्षा में फेल हो गए थे, लेकिन इस असफलता को उन्होंने अपने जीवन का अंत नहीं माना। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और लगातार मेहनत करते हुए UPSC की तैयारी शुरू की।
उनकी जिंदगी में एक दौर ऐसा भी आया जब आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। पढ़ाई और तैयारी के साथ उन्हें अपने खर्च चलाने के लिए छोटे-मोटे काम भी करने पड़े। इसके बावजूद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य नहीं छोड़ा। कई कठिनाइयों और असफल प्रयासों के बाद आखिरकार वह UPSC परीक्षा पास करने में सफल रहे और 2005 बैच के IPS अधिकारी बने। सरकारी सिविल लिस्ट में भी मनोज कुमार शर्मा को 2005 बैच के IPS अधिकारी के रूप में दर्ज किया गया है।
मनोज शर्मा मूल रूप से मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रहने वाले हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर भारतीय पुलिस सेवा तक पहुंचने की उनकी यात्रा कई युवाओं के लिए प्रेरणा बनी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के बीच उनकी कहानी पहले भी जानी जाती थी, लेकिन फिल्म ‘12th Fail’ के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली।
फिल्म में उनकी जिंदगी के उन चरणों को दिखाया गया, जब उन्होंने असफलताओं का सामना किया, सीमित संसाधनों में पढ़ाई की और UPSC परीक्षा की तैयारी जारी रखी। फिल्म ने यह भी दिखाया कि लगातार असफल होने के बाद भी दोबारा शुरुआत की जा सकती है।
‘12th Fail’ के रिलीज होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने मनोज कुमार शर्मा के वास्तविक जीवन के बारे में जानना शुरू किया। सोशल मीडिया पर भी उनकी कहानी व्यापक रूप से चर्चा में रही। खास तौर पर UPSC, SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं ने उनके संघर्ष को अपने लिए प्रेरणा के रूप में देखा।
मनोज कुमार शर्मा की पेशेवर यात्रा भी लंबी रही है। मुंबई में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस बनने से पहले वह महाराष्ट्र पुलिस में विशेष पुलिस महानिरीक्षक, कानून एवं व्यवस्था के पद पर काम कर रहे थे। इससे पहले भी वह मुंबई पुलिस में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
मई 2026 में महाराष्ट्र सरकार ने IPS अधिकारियों का बड़ा फेरबदल किया था। इसी दौरान मनोज कुमार शर्मा को मुंबई पुलिस का जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, लॉ एंड ऑर्डर नियुक्त किया गया। उन्होंने सत्यनारायण चौधरी की जगह यह जिम्मेदारी संभाली। वहीं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया।
मुंबई जैसे महानगर में जॉइंट कमिश्नर, कानून एवं व्यवस्था का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पद पर शहर की कानून-व्यवस्था, संवेदनशील आयोजनों, बड़े प्रदर्शनों, त्योहारों और सुरक्षा से जुड़े अनेक मामलों में महत्वपूर्ण समन्वय की जिम्मेदारी रहती है।
मनोज शर्मा के लिए यह नियुक्ति उनके लंबे पुलिस करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अपने सेवाकाल में महाराष्ट्र पुलिस में कई जिम्मेदार पदों पर काम किया है। मुंबई पुलिस में भी वह पहले DCP जोन-1 और एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस, पश्चिमी क्षेत्र जैसी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
उनकी कहानी केवल एक परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि लगातार असफलताओं के बाद भी प्रयास जारी रखने की कहानी है। 12वीं में असफल होने के बावजूद उन्होंने अपने करियर की दिशा बदली और उच्च शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी।
कई अभ्यर्थियों के लिए उनकी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही माना जाता है कि शुरुआती असफलता भविष्य तय नहीं करती। किसी भी परीक्षा में असफलता के बाद दोबारा तैयारी कर सफलता हासिल की जा सकती है।
फिल्म ‘12th Fail’ ने इसी पहलू को प्रमुखता से सामने रखा। फिल्म में एक ऐसे छात्र की कहानी दिखाई गई जो संसाधनों की कमी और बार-बार की असफलताओं के बावजूद अपना लक्ष्य नहीं छोड़ता। मनोज शर्मा की वास्तविक जिंदगी से प्रेरित इस कहानी ने दर्शकों के बीच व्यापक सराहना हासिल की।
उनके IPS बनने के बाद का सफर भी लगातार जिम्मेदारियों और अनुभवों से जुड़ा रहा है। पुलिस सेवा में करीब दो दशक पूरे कर चुके मनोज शर्मा को अब मुंबई की कानून-व्यवस्था संभालने वाले शीर्ष अधिकारियों में शामिल किया गया है।
इस नियुक्ति के बाद एक बार फिर उनकी व्यक्तिगत कहानी चर्चा में आई। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने उनकी पुरानी संघर्ष यात्रा और वर्तमान जिम्मेदारी की तुलना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।
हालांकि उनकी पहचान अब केवल फिल्म के वास्तविक किरदार के रूप में नहीं, बल्कि एक अनुभवी IPS अधिकारी के रूप में भी स्थापित है। मुंबई पुलिस में जॉइंट कमिश्नर का पद उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिहाज से काफी अहम है।
मनोज शर्मा की यात्रा बताती है कि शैक्षणिक जीवन की एक असफलता किसी व्यक्ति की पूरी जिंदगी का फैसला नहीं करती। 12वीं कक्षा में फेल होने से लेकर UPSC पास करने और IPS बनने तक का उनका सफर लंबा और चुनौतीपूर्ण रहा।
अब मुंबई के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के रूप में उनकी जिम्मेदारी और बड़ी हो गई है। देश की आर्थिक राजधानी की कानून-व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेदारी संभालते हुए उनके सामने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और शहरी पुलिसिंग की कई चुनौतियां होंगी।
मनोज कुमार शर्मा की कहानी युवाओं के बीच इसलिए लगातार लोकप्रिय है क्योंकि इसमें असफलता के बाद वापसी का संदेश है। उन्होंने 12वीं में असफल होने के बाद पढ़ाई नहीं छोड़ी और आखिरकार भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाई।
फिल्म ने उनकी संघर्ष यात्रा को लोकप्रिय बनाया, लेकिन वास्तविक जीवन में उनकी सफलता वर्षों की तैयारी, मेहनत और पुलिस सेवा के अनुभव का परिणाम है।
आज उनकी नियुक्ति मुंबई पुलिस के जॉइंट कमिश्नर के रूप में उस सफर का नया अध्याय है, जिसकी शुरुआत कभी 12वीं कक्षा में असफलता से हुई थी। यही वजह है कि मनोज कुमार शर्मा का नाम आज भी लाखों प्रतियोगी छात्रों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।





