महाराष्ट्र

अमरावती अस्पताल आग मामले में जांच तेज

Kavita2
28 Aug 2026 9:41 AM IST
अमरावती अस्पताल आग मामले में जांच तेज
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अमरावती। महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में लगी आग की घटना को स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। 24 अगस्त की सुबह हुए इस हादसे में तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी। घटना के बाद प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल के SNCU में आग लगने की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद राज्य सरकार ने मामले की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को तुरंत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मंत्री मेघना बोरडीकर ने किया अस्पताल का दौरा

घटना के बाद महाराष्ट्र की मंत्री मेघना बोरडीकर और विधायक प्रताप अडसड ने गुरुवार को अमरावती जिला महिला अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दोनों नेताओं ने हादसे वाली जगह का निरीक्षण किया और अस्पताल प्रशासन से घटना की पूरी जानकारी ली।

निरीक्षण के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री मेघना बोरडीकर ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और अस्पतालों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों ने लिया जायजा

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अस्पताल का निरीक्षण किया। अकोला सर्कल के स्वास्थ्य सेवाओं के उप निदेशक डॉ. सुशील वाकचौरे, जिला सिविल सर्जन डॉ. विनोद पवार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण परिसे और अतिरिक्त जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हर्षल क्षीरसागर समेत कई अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का मूल्यांकन किया।

अधिकारियों ने SNCU में आग लगने के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन इंतजामों की जानकारी जुटाई। साथ ही अस्पताल प्रशासन से घटना के समय मौजूद कर्मचारियों और राहत कार्यों से जुड़ी जानकारी भी ली गई।

आग लगने के कारणों की होगी जांच

प्रशासन की ओर से अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और क्या अस्पताल में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा था। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि आग लगने के बाद नवजात शिशुओं को सुरक्षित निकालने में किसी तरह की देरी या लापरवाही तो नहीं हुई।

अस्पतालों में SNCU जैसे संवेदनशील वार्डों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है, क्योंकि यहां भर्ती नवजात बेहद कमजोर स्थिति में होते हैं और उन्हें लगातार निगरानी की आवश्यकता होती है।

नवजातों की मौत से उठे सवाल

इस हादसे में तीन नवजात शिशुओं की मौत के बाद उनके परिवारों में शोक का माहौल है। परिजनों ने घटना को लेकर चिंता जताई है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। हादसे के तकनीकी कारणों के साथ-साथ मानवीय लापरवाही की भी जांच की जाएगी।

अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

अमरावती की घटना के बाद राज्य के अन्य अस्पतालों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि नवजात देखभाल इकाइयों, आईसीयू और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में आग से बचाव के सभी इंतजाम मौजूद हों।

विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पतालों में फायर अलार्म, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है। खासकर SNCU जैसे विभागों में छोटी सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है।

दोषियों पर होगी कार्रवाई का भरोसा

मंत्री मेघना बोरडीकर ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की जांच जारी है। तीन नवजात शिशुओं की मौत के बाद यह मामला राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा सवाल बन गया है। प्रशासन की कोशिश है कि जांच के जरिए हादसे के कारणों का पता लगाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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