महाराष्ट्र

Vasai में फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर के लिए जमीन चयन के निर्देश

Kavita2
21 April 2026 10:35 AM IST
Vasai में फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर के लिए जमीन चयन के निर्देश
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Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र सरकार ने मत्स्य क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक नया कदम उठाया है। इसके तहत नितेश राणे ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पालघर जिले के वसई में प्रस्तावित फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान की जाए।

मंत्री राणे ने यह भी कहा कि चिन्हित की गई जमीन का विस्तृत प्रस्ताव तुरंत राजस्व विभाग (रेवेन्यू डिपार्टमेंट) को भेजा जाए, ताकि आगे की प्रशासनिक और तकनीकी कार्रवाई तेजी से पूरी की जा सके।

यह निर्देश मंत्रालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए, जिसकी अध्यक्षता स्वयं नितेश राणे ने की। बैठक में वसई में फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई और परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।

बैठक में स्नेहा दुबे और प्रेरणा देशभरता सहित मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं और संभावित स्थानों की जानकारी प्रस्तुत की।

मंत्री राणे ने कहा कि वसई क्षेत्र में फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को मत्स्य पालन और उससे जुड़े व्यवसायों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और मत्स्य क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन चयन की प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ होनी चाहिए, ताकि परियोजना में किसी प्रकार की देरी न हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेनिंग सेंटर में आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे युवाओं को बेहतर कौशल विकास मिल सके।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित फिशरीज़ ट्रेनिंग सेंटर में मत्स्य पालन, नाव संचालन, मछली संरक्षण, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह केंद्र क्षेत्रीय मछुआरों और युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

बैठक के दौरान परियोजना की समयबद्ध प्रगति पर भी चर्चा की गई और संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाना है।

यह परियोजना पूरी होने के बाद वसई और आसपास के क्षेत्रों में मत्स्य उद्योग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक होगी।

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