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भारत-कोरिया संबंधों में तीन दशक में नई मजबूती: राजदूत ली सियोंग-हो
SHIDDHANT
28 Oct 2025 7:48 PM IST

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Mumbai मुंबई। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच द्विपक्षीय संबंध पिछले तीन दशकों में अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुए हैं। दोनों देशों ने न केवल आर्थिक क्षेत्र में बल्कि तकनीक, रक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। भारत में दक्षिण कोरिया के राजदूत ली सियोंग-हो (Lee Seong-ho) ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी आज रणनीतिक सहयोग के नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। मुंबई में आयोजित एक इंडो-कोरिया बिजनेस सम्मेलन में बोलते हुए राजदूत ली सियोंग-हो ने कहा, “भारत और कोरिया के बीच पिछले तीस वर्षों में संबंधों में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। हमारी पहली बड़ी निवेश लहर ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से शुरू हुई थी — जैसे ह्यूंडई, सैमसंग और एलजी जैसी कंपनियों ने भारत में निवेश कर औद्योगिक परिदृश्य को बदला।”
राजदूत ने बताया कि कोरियाई निवेशकों के लिए भारत अब एक प्रमुख गंतव्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 450 से अधिक कोरियाई कंपनियां भारत में सक्रिय हैं और ये कंपनियां न केवल रोजगार सृजन कर रही हैं, बल्कि “मेक इन इंडिया” अभियान को भी गति दे रही हैं। ली सियोंग-हो ने कहा कि आने वाले वर्षों में ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और नवीकरणीय तकनीक के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग और गहरा होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन की सराहना करते हुए कहा कि कोरिया इस मिशन में भारत का एक भरोसेमंद साझेदार बन सकता है। “हमारे साझा मूल्य—लोकतंत्र, नवाचार और सतत विकास—इस साझेदारी की नींव हैं,” उन्होंने कहा।
भारत और दक्षिण कोरिया ने 2010 में Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) पर हस्ताक्षर किए थे, जिसने द्विपक्षीय व्यापार को नई दिशा दी। राजदूत के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापारिक लेनदेन 2024 में लगभग 28 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है, और लक्ष्य है कि इसे अगले पांच वर्षों में 50 अरब डॉलर तक बढ़ाया जाए। कोरियाई राजदूत ने यह भी बताया कि अब दोनों देश रक्षा उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं। हाल ही में कोरियाई रक्षा कंपनियों ने भारत के साथ संयुक्त उत्पादन परियोजनाओं पर चर्चा शुरू की है, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ को नई गति मिलेगी।
सांस्कृतिक और शैक्षणिक सहयोग की बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में कोरियाई भाषा और संस्कृति को लेकर युवाओं में तेजी से रुचि बढ़ रही है। कोरियाई वेब सीरीज़, संगीत (K-Pop) और सिनेमा ने भारत के युवा वर्ग को प्रभावित किया है, वहीं दक्षिण कोरिया में भी भारतीय योग, आयुर्वेद और बॉलीवुड को सराहा जा रहा है। राजदूत ली सियोंग-हो ने विश्वास जताया कि भारत और कोरिया का रिश्ता “तीन दशकों की साझेदारी से आगे बढ़कर आने वाले दशकों में नवाचार और आपसी विकास की प्रेरणा बनेगा।
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