महाराष्ट्र

2047 के विजन की ओर तेजी से बढ़ रहा भारत: कैप्टन धनंजय कुमार

SHIDDHANT
29 Oct 2025 9:30 PM IST
2047 के विजन की ओर तेजी से बढ़ रहा भारत: कैप्टन धनंजय कुमार
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Mumbai मुंबई: आयोजित इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 (India Maritime Week 2025) के दौरान शिपिंग इंडस्ट्री से जुड़े कई दिग्गजों ने भारत के समुद्री क्षेत्र में बढ़ते अवसरों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047 की दिशा में हो रहे प्रयासों पर अपने विचार साझा किए। इसी क्रम में बोथरा शिपिंग (Bothra Shipping) के निदेशक कैप्टन धनंजय कुमार ने कहा कि भारत अब समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में वैश्विक ताकत बनने की राह पर है।
उन्होंने कहा, “यह पहल भारत को निश्चित रूप से एक मजबूत बढ़ावा देगी। प्रधानमंत्री मोदी का 2047 के लिए जो विजन है, वह बेहद स्पष्ट और दूरदर्शी है। हम सभी भारतीयों की उन आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो पिछले 70 वर्षों में पूरी नहीं हो पाई थीं। कैप्टन कुमार ने बताया कि मेरीटाइम सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि “देश के तटीय इलाकों, बंदरगाहों और शिपिंग नेटवर्क को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में जो कार्य चल रहा है, वह आने वाले दशकों में भारत को ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy) का वैश्विक केंद्र बना देगा।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘सागरमाला परियोजना’ जैसी योजनाएं न केवल बंदरगाहों के विकास को बढ़ावा दे रही हैं बल्कि लॉजिस्टिक्स, शिपबिल्डिंग, और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में भी नई संभावनाएं खोल रही हैं। कैप्टन कुमार ने कहा, “इंडिया मेरीटाइम वीक 2025 जैसे कार्यक्रम भारत की समुद्री शक्ति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसकी क्षमता को प्रदर्शित करते हैं। यह मंच सरकार, उद्योग जगत और नीति निर्माताओं को एक साथ लाकर साझा रणनीति तय करने का अवसर देता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि बोथरा शिपिंग जैसी कंपनियां अब सस्टेनेबल और ग्रीन शिपिंग के मॉडल पर काम कर रही हैं। “हम कार्बन उत्सर्जन घटाने, फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ाने और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम अपनाने पर ध्यान दे रहे हैं ताकि भारत का समुद्री क्षेत्र वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित हो सके,” उन्होंने कहा। कार्यक्रम में देश-विदेश से कई शिपिंग कंपनियों, पोर्ट अथॉरिटीज और सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान भारत के बंदरगाह विकास, कोस्टल ट्रेड, ऑफशोर एनर्जी, और समुद्री सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चाएं हुईं।
कैप्टन कुमार ने कहा कि भारत के पास 7,500 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा और विशाल समुद्री संसाधन हैं, जिनका सही उपयोग देश की आर्थिक प्रगति में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। “हम सबको मिलकर प्रधानमंत्री मोदी के विजन 2047 को साकार करना है — एक ऐसा भारत जो आत्मनिर्भर, समृद्ध और तकनीकी रूप से सशक्त हो,” उन्होंने कहा।
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