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MHARASHTRA महाराष्ट्र: मराठा आरक्षण को लेकर सियासत गरमाई हुई है। इसी बीच मुंबई में ओबीसी नेताओं की एक अहम बैठक शुरू हुई, जिसकी अगुवाई मंत्री छगन भुजबल कर रहे हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मराठा समुदाय को 'सर्वसमावेशक कुणबी' मानकर ओबीसी आरक्षण देने के प्रस्ताव का मजबूती से विरोध करना है। बैठक में रणनीति बनाई जा रही है कि किस तरह से सरकार के सामने इस प्रस्ताव के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाए। सूत्रों के मुताबिक, ओबीसी नेता छगन भुजबल से यह मांग करेंगे कि राज्य सरकार को इस मुद्दे पर दृढ़ और स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। इसके अलावा, सोमवार को होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में भी ओबीसी नेता मराठा आरक्षण की मौजूदा मांगों, विशेषकर मनोज जरांगे पाटिल की मांगों का विरोध करने की सिफारिश करेंगे।
बैठक के बाद छगन भुजबल मीडिया के सामने आकर अपनी भूमिका और रुख को लेकर स्पष्टीकरण देंगे। बैठक में पूर्व सांसद समीर भुजबल, विधायक पंकज भुजबल, लक्ष्मण हाके, प्रकाश शेंडगे, लक्ष्मण गायकवाड, स्नेहा सोनटक्के, सत्संग मुंढे, धनराज गुट्टे, दौलत शितोले, नवनाथ वाघमारे समेत अन्य प्रमुख ओबीसी नेता शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल और मंत्री नितेश राणे के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। आजाद मैदान में अनशन पर बैठे जरांगे पाटिल ने राणे को लेकर तीखी टिप्पणी की थी।
इसके जवाब में नितेश राणे ने पलटवार करते हुए कहा, "जब अबू आजमी या एआईएमआईएम के नेता मनोज जरांगे पाटिल से मिलने जाते हैं, तो कोई आपत्ति नहीं जताई जाती। लेकिन मुझे गाली दी जाती है क्योंकि मैं हिंदुत्व के लिए काम करता हूं और जिहाद के खिलाफ लड़ता हूं। एआईएमआईएम का इतिहास सबको पता है, फिर भी उनका समर्थन किया जाता है, जबकि मुझे निशाना बनाया जाता है।" आंदोलनकारी रामेश्वर पाटिल ने आईएएनएस से कहा, "हमारे बच्चों के लिए आरक्षण की सख्त जरूरत है। उसके लिए हम यहां आए हैं। जब तक आरक्षण नहीं मिलेगा तब तक हम इधर ही रहेंगे।" दूसरे आंदोलनकारी किरण पिंपड़े ने कहा, "मैं यहां आजाद मैदान में आरक्षण के लिए आया हुआ हूं। जब तक आरक्षण नहीं मिल जाता तब तक हम इधर ही रहने वाले हैं। हमारी सिर्फ एक ही मांग है, वह है आरक्षण। एक अन्य आंदोलकारी अमृत भोसले ने कहा, "हम यहां मनोज जरांगे के समर्थन में आए हुए हैं, हमें आरक्षण चाहिए। जब तक नहीं मिलता, तब तक हम यहीं रहेंगे।
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