- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- नासिक में भारी बारिश...
नासिक में भारी बारिश का असर, बड़े जलाशयों में बढ़ा जलस्तर

नासिक : पिछले सप्ताह हुई लगातार भारी बारिश के कारण महाराष्ट्र के नासिक जिले के प्रमुख जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया है। जिले के कई बड़े बांधों में जल भंडारण क्षमता लगभग पूरी होने की स्थिति में पहुंच गई है। कैचमेंट क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के चलते प्रशासन को कुछ जलाशयों से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ने का निर्णय लेना पड़ा है।
नासिक जिले के गंगापुर, डारना, कडवा और भवाली जैसे प्रमुख बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के कारण इन जलाशयों में पानी की आवक लगातार बढ़ी है। अधिकारियों के अनुसार, कई बांधों में जलस्तर सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जिसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल निकासी की प्रक्रिया शुरू की गई है।
गंगापुर बांध की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है। बांध में पानी का भंडारण स्तर 95 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने धीरे-धीरे पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाई है।
अधिकारियों के मुताबिक, कुछ समय के लिए गंगापुर बांध से पानी छोड़ने की दर करीब 19,000 क्यूसेक तक पहुंच गई थी। इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गोदावरी नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया। नदी में पानी बढ़ने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी और जलाशयों के आसपास जाने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
गोदावरी नदी नासिक जिले के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोतों में शामिल है। नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बांधों में पानी की आवक और निकासी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बारिश की तीव्रता और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश ने जिले के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति भी पैदा की है। हालांकि, बांधों में पानी की अच्छी आवक को जल संकट की दृष्टि से राहत के रूप में भी देखा जा रहा है। पर्याप्त जल भंडारण होने से आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
किसानों के लिए भी बांधों में बढ़ा जलस्तर राहत की खबर है। मानसून के दौरान अच्छी बारिश होने से कृषि गतिविधियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, लगातार तेज बारिश वाले क्षेत्रों में फसलों और खेतों की सुरक्षा को लेकर भी किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि बांधों से पानी छोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह नियंत्रित तरीके से की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। अधिकारियों की टीमें जलस्तर, नदी के बहाव और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना बनी रह सकती है। ऐसे में प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
नासिक जिले में भारी बारिश के बाद जलाशयों की स्थिति में तेजी से बदलाव आया है। जहां एक ओर बांधों में पर्याप्त पानी जमा होने से जल उपलब्धता को लेकर राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बढ़ते नदी जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी हो गया है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बांधों की सुरक्षा बनाए रखना और नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।





