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नालासोपारा में अवैध अबॉर्शन पिल्स रैकेट का भंडाफोड़, ‘गुरुकृपा’ क्लिनिक पर FDA की बड़ी कार्रवाई

Maharashtra महाराष्ट्र: मुंबई के नालासोपारा से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अवैध रूप से अबॉर्शन पिल्स बेचने वाले एक ब्लैक मार्केट नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले का भंडाफोड़ फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की टीम द्वारा की गई छापेमारी के दौरान हुआ। कार्रवाई नालासोपारा पश्चिम के निर्मल नाका इलाके में स्थित ‘गुरुकृपा’ क्लिनिक पर की गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, FDA को लंबे समय से इस क्लिनिक में अवैध दवाओं की बिक्री और बिना अनुमति मेडिकल प्रैक्टिस की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर विभाग ने एक विशेष टीम गठित कर छापेमारी की योजना बनाई। जैसे ही टीम ने क्लिनिक पर कार्रवाई शुरू की, वहां मौजूद डॉक्टर और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई।
रेड के दौरान एक चौंकाने वाला मोड़ तब सामने आया, जब आरोपी डॉक्टर ने सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की और अधिकारियों के साथ कथित रूप से हाथापाई भी की। इस घटना के कारण मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाना पड़ा। हालांकि, अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि क्लिनिक में बिना उचित अनुमति के गर्भपात से संबंधित दवाओं की अवैध बिक्री की जा रही थी। इन दवाओं को बिना डॉक्टर की निगरानी और मेडिकल नियमों का पालन किए बेचा जा रहा था, जो कि गंभीर कानूनी उल्लंघन है।
आरोपी डॉक्टर की पहचान शैलेश महाजन के रूप में हुई है, जो BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) डिग्रीधारी बताया जा रहा है और ‘गुरुकृपा’ क्लिनिक का संचालन कर रहा था। आरोप है कि वह लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में शामिल था और बिना उचित मेडिकल प्रोटोकॉल के अबॉर्शन पिल्स उपलब्ध करा रहा था।
FDA अधिकारियों ने क्लिनिक से कई संदिग्ध दवाएं, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य सामग्री जब्त की है। इन सभी चीजों को जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है ताकि दवाओं की प्रकृति और उनके स्रोत का पता लगाया जा सके।
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में भी चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अवैध मेडिकल गतिविधियां महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। बिना विशेषज्ञ निगरानी के ऐसी दवाओं का सेवन कई बार जानलेवा साबित हो सकता है।
FDA ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस रैकेट में अन्य लोग भी शामिल हैं या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
कुल मिलाकर, नालासोपारा में हुई यह कार्रवाई अवैध मेडिकल प्रैक्टिस और दवा बिक्री के खिलाफ प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है, जबकि यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।





