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मैं पद से नहीं, धरती के बेटे के रूप में जुड़ता हूं: Eknath Shinde

Maharashtra महाराष्ट्र: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को सतारा जिले के अंगपुर पंचक्रोशी में आयोजित एक बड़े नागरिक सम्मान समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए भावनात्मक और सशक्त संदेश दिया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
अपने संबोधन में एकनाथ शिंदे ने कहा कि वे किसी पद या राजनीतिक पहचान के आधार पर लोगों से नहीं जुड़ते, बल्कि एक आम नागरिक और “धरती के बेटे” के रूप में जनता के बीच जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सत्ता का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना और समाधान करना है।
शिंदे ने कहा, “मैं यहां उपमुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि धरती के बेटे के तौर पर आया हूं। मैं वहां जाता हूं जहां दूसरे नहीं जाते।” उनके इस बयान को जमीनी स्तर पर जुड़ाव और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने अपने भाषण में विकास की अवधारणा पर भी जोर दिया और कहा कि विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके अनुसार, छोटे गांवों, दूर-दराज के इलाकों और अंदरूनी क्षेत्रों तक भी विकास की रोशनी पहुंचनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान शिंदे ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर हिस्से में समान विकास सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी क्षेत्र को पीछे न रहना पड़े। उन्होंने बताया कि कई बार उपेक्षित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी होती है, जिसे दूर करना सरकार की प्राथमिकता है।
स्थानीय नागरिकों ने इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया और क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने भी हिस्सा लिया।
शिंदे के संबोधन को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने सीधे तौर पर जनता से जुड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की बात दोहराई। उनके इस बयान को आगामी विकास योजनाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
समारोह में माहौल उत्साहपूर्ण रहा और लोगों ने सरकार की योजनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में स्थानीय समुदाय की ओर से उपमुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया गया।
कुल मिलाकर, इस कार्यक्रम में एकनाथ शिंदे का संदेश स्पष्ट था कि विकास का लाभ हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए और सरकार को जमीन से जुड़कर काम करना चाहिए।





